बरेली जन्मदिन पार्टी में हुए हिंसक हमले की एसडीपीआई ने कड़ी निंदा की
बरेली पुलिस की हमलावरों के बजाय,पीड़ितों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करना निंदनीय तथा दुर्भाग्यपूर्ण : एडवोकेट रेनू सिंह (SDPI उ.प्रदेश सचिव)

लखनऊ/ बरेली (एशियन पत्रिका/अनवार अहमद नूर)
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI), उत्तर प्रदेश की प्रदेश सचिव एडवोकेट रेनू सिंह ने बरेली जिले के प्रेमनगर क्षेत्र में एक नर्सिंग छात्रा की जन्मदिन पार्टी के दौरान हुए हिंसक हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए गहरा खेद व्यक्त किया है।
एडवोकेट रेनू सिंह ने कहा कि 27 दिसंबर 2025 को एक कैफे में आयोजित जन्मदिन समारोह के दौरान दक्षिणपंथी सोच से जुड़े कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जबरन घुसकर युवाओं पर किया गया निर्मम और अकारण हमला बेहद चिंताजनक है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि किस प्रकार दर्जनों हमलावरों ने कैफे में मौजूद लोगों को बेरहमी से पीटा, जिससे कई युवाओं को गंभीर चोटें और फ्रैक्चर तक आए। उन्होंने कहा कि यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि घटना के बाद बरेली पुलिस ने असल हमलावरों के बजाय पीड़ितों के खिलाफ कार्रवाई की, जिनमें पीड़िता के दो मुस्लिम मित्र भी शामिल हैं, तथा कैफे स्टाफ पर भी शांति भंग के नाम पर चालान किया गया। यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रदेश सचिव ने कहा कि केवल सोशल मीडिया पर जनआक्रोश बढ़ने के बाद ही पुलिस को मजबूरन हमलावरों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज करना पड़ा, जो यह दर्शाता है कि यदि जनता की आवाज़ न उठे तो ऐसे मामलों में न्याय दबा दिया जाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश शासन-प्रशासन से मांग की, कि जन्मदिन पार्टी पर हमला करने वाले सभी दोषियों की तत्काल गिरफ़्तारी कर सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पीड़ितों पर की गई अनुचित पुलिस कार्रवाई को तुरंत वापस लिया जाए। उन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए जिन्होंने वास्तविक अपराधियों को छोड़कर निर्दोष नागरिकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की। पीड़ितों को सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
एडवोकेट रेनू सिंह ने कहा कि “कानून का राज तभी स्थापित हो सकता है जब पुलिस और प्रशासन बिना भेदभाव, धर्म और दबाव के निष्पक्ष रूप से कार्य करें। भीड़तंत्र और नफ़रत की राजनीति को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”







