शब ए बारात के मौके पर हो रही है मस्जिदों में इबादत, दुआओं का सिलसिला जारी
मस्जिदों में लोग इबादत कर रहे हैं और अपने गुनाहों पर शर्मिंदा होकर अल्लाह ताला के सामने रो-रो कर दुआ करने में लगे हैं

लक्सर (उत्तराखंड) (दिलशाद अली)
तहसील लक्सर क्षेत्र में अनेक स्थानों पर शबे बरात मनाई जा रही है जिसके चलते अनेक स्थानों पर दुआओं के साथ साथ इबादत भी की जा रही है। ग्राम खरंजा कुतुबपुर की जामा मस्जिद में आज शबे बारात के मौके पर मस्जिदों में लोग इबादत कर रहे हैं और अपने गुनाहों पर शर्मिंदा होकर अल्लाह ताला के सामने रो-रो कर दुआ करने में लगे हैं वही मस्जिदों में आज सजावट की गई है और साफ सफाई के साथ हर मुस्लिम अपने गुनाहों पर शर्मिंदा होकर नमाज़ अदा कर रहा है। ज्ञात रहे कि साल में एक बार शबे बारात आती है और इस मौके पर लोग दुआ करते हैं जितने लोग इस दुनिया से जा चुके हैं उनके अमन और सुकून के लिए और खुदा उनको जन्नतुल फिरदौस में जगह अता फरमाए, इसके लिए सभी दुआ करते हैं और आज के दिन मस्जिदों एवं मदरसा एवं जो बेवा है कोई कमाने वाला नहीं है गरीब है उनकी मदद की जाती है, खैरात ज़कात और इमदाद का सिलसिला जारी रहता है। और आज से पूरे रमज़ान मुबारक के महीने तक दान किया जाता है और यह एक मौका ऐसा आता है जिसमें पुण्य का कार्य किया जाता है वैसे तो इंसान हर वक्त करता है लेकिन इस मौके पर देना ज्यादा सवाब है इसलिए आज बढ़-चढ़कर लोग दुआ भी कर रहे हैं और अपने बड़ों के लिए खैरात भी कर रहे हैं और अपने लिए भी दुआ कर रहे हैं वही देश के सलामती और अमन भाईचारे के लिए दुआएं मांगी जा रही हैं। बताया गया है कि आज शब-ए-बारात की मुबारक रात हैं इसमें सिर्फ़ एक तारीख़ नहीं, बल्कि अपने गुनाहों पर ठहरकर सोचने, अपने रब के सामने झुकने और उन रूहों को याद करने की रात है जो हमसे जुदा हो चुकी हैं। दुआ है कि यह रात हमारे दिलों को नरम करे, नीयतों को साफ़ करे और समाज में इंसानियत, तथा सब्र और मोहब्बत को मज़बूती दे। अल्लाह हम सबकी दुआएँ क़बूल फ़रमाए। आमीन







