किसान सभा ने बजट को जन विरोधी बताते हुए उसकी प्रतियां जलाईं।
अपील की गई है कि 12 फ़रवरी को होने वाली आम हड़ताल को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं

स्योहारा (बिजनौर-यूपी)(अनवार अहमद नूर)
अखिल भारतीय किसान सभा के आव्हान पर आज स्योहारा बिजनौर-यूपी में बजट को जनविरोधी बताते हुए उसकी प्रतियां जलाईं गई। स्योहारा अखिल भारतीय किसान सभा ने बजट पर अपनी चिंता प्रकट करते हुए कहा कि ये बजट पूंजीपतियों के हित में है और आम किसान मजदूर और गरीबों के विरुद्ध है इसलिए किसान सभा इसका विरोध करते हुए इसमें सुधार की मांग करती है। किसान सभा के लोगों ने बजट की प्रतियां भी जलाईं।
कामरेड इसरार अली ने कहा कि बजट कृषि के हितों में नहीं है। वित्तमंत्री के भाषण में भी कृषि को नज़रंदाज़ किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान सभा मांग करती है कि बजट में किसानों के कर्ज़ों की माफी, बेरोजगारों को रोज़गार, महिलाओं को सुरक्षा, मजदूरों का पुनरुद्धार को शामिल किया जाए। नये रोज़गार की गारंटी दी जाए और किसानों की उर्वरक सब्सिडी बढ़ाई जाए।
इस विरोध प्रदर्शन में कॉमरेड इंदर कुमार शर्मा,कन्हैया सिंह,राजवीर सिंह, इसरार अली, मशकूर एडवोकेट, मतलूब जलील, इकराम, आरिफ़, खलील, अनवार आदि शामिल रहे।
ज्ञात रहे कि किसान सभा के हाईकमान ने कहा था कि वह किसानों, ग्रामीण मजदूरों और आम जनता से आह्वान करती है कि वे 3 फ़रवरी 2026 को या उसके बाद किसी भी दिन गाँवों और तहसीलों में इस किसान-विरोधी, मजदूरों-विरोधी और संघवाद-विरोधी बजट की प्रतियाँ जलाकर इसका विरोध करें। किसान सभा ने यह भी अपील की है कि 12 फ़रवरी को होने वाली आम हड़ताल को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं, ताकि जन-विरोधी केंद्रीय बजट 2026–27 के विरुद्ध जनता का ग़ुस्सा स्पष्ट रूप से नज़र आए।







