चैंबर निर्माण की मांग को लेकर देहरादून में वकीलों का आंदोलन।
जहां न्यायालयों में कामकाज प्रभावित रहा वहीं भीषण जाम के कारण आम जनता, मरीजों और स्कूली बच्चों को हुई भारी परेशानी।


देहरादून (उत्तराखंड)(एशियन पत्रिका ब्यूरो/अनवार अहमद नूर)
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बार एसोसिएशन देहरादून की इस मांग को लेकर कि चैंबर्स का निर्माण कराया जाए। वकीलों का प्रदर्शन चक्का जाम देखने को मिला है। सुबह करीब 11 बजे वकील विधि भवन के हाल में इकट्ठा हुए। इसके बाद 11:30 बजे गांधी रोड और दर्शन लाल चौक होते हुए सभी वकील घंटाघर पहुंचे, जहां उन्होंने चक्का जाम किया। आंदोलन में शामिल वकीलों ने रजिस्टर में साइन कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बार एसोसिएशन देहरादून के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने कहा कि वकील लंबे समय से शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे और उनका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि हम जनता को परेशान नहीं करना चाहते, क्योंकि हम जनता से ही जुड़े हुए हैं। सरकार से लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। कुछ मंत्रियों ने समर्थन जरूर दिया, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ज्ञात रहे कि देहरादून में चैंबर निर्माण की मांग को लेकर चल रहे अधिवक्ता आंदोलन ने आज और तीखा रूप ले लिया। सैकड़ों वकीलों ने कचहरी परिसर से कूच कर घंटाघर पहुंचकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया, जिसके चलते चारों दिशाओं में भीषण जाम लग गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। वकीलों की हड़ताल से जहां न्यायालयों में कामकाज प्रभावित रहा वहीं घंटाघर, राजपुर रोड, सहारनपुर रोड तक लगे भीषण जाम के कारण आम जनता, मरीजों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा है।
बताया गया है कि 5,000 से अधिक अधिवक्ताओं, उनके क्लर्कों और टाइपिस्टों के लिए पर्याप्त चैंबर नहीं हैं। वकीलों की मांग है कि पुरानी कचहरी / सिविल कंपाउंड (हरिद्वार रोड) की भूमि पर चैंबर बनाए जाएं, न कि वहां रैन बसेरा विकसित किया जाए।
सरकार से आश्वासन के बाद भले ही आंदोलन को अस्थायी विराम की बात कही जा रही हो, लेकिन अधिवक्ता स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक जमीन आवंटन और चैंबर निर्माण पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।







