गृहमंत्री अमित शाह के दौरे का कांग्रेस सहित अनेक संगठनों ने किया विरोध
हरिद्वार में अमित शाह के विरोध में जमकर नारेबाजी, अनेक लोगों और महिलाओं को पुलिस ने लिया हिरासत में।





हरिद्वार (उत्तराखंड) (एशियन पत्रिका ब्यूरो)
हरिद्वार में पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह का कांग्रेस सहित अनेक संगठनों ने विरोध किया और नारेबाजी करते हुए काले झंडे भी दिखाए। कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने अमित शाह को वापस जाओ के नारे दिए। पुलिस के साथ नोंक-झोंक भी हुई। अनेक स्थानों पर बैरिकेटिंग को फांदकर आगे बढ़ा गया। मुस्लिम सेवा संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल के सदस्यों देहरादून में भी पुलिस ने हिरासत में लिया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के साथ साथ पुलिस को काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी। जब कांग्रेसी काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे तब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। खुफिया तंत्र और कई थानों की पुलिस ऋषि कुल पर मौजूद रही । पुलिस और कांग्रेसियों के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली।गृहमंत्री अमित शाह जी ऋषिकेश स्वर्गाश्रम में आए हुए हैं, उक्रांद की महिलाएं उनसे मिलकर यह बताना चाहती थी कि आपकी उत्तराखंड सरकार बदनाम हो रही है अंकिता भंडारी मामले को लेकर, शराब को लेकर लेकिन उन्हें सुबह में ही हिरासत में लिया गया।कुसुम जोशी और प्रमिला ने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह जी ऋषिकेश स्वर्गाश्रम में हैं, हम महिलाएं उनसे मिलकर बताना चाहती थीं कि आपकी उत्तराखंड सरकार बदनाम हो रही है अंकिता भंडारी मामले और शराब को लेकर। दुर्भाग्य है कि सुबह ही हमें गिरफ्तार कर लिया गया, 6 बजे से हमें जाने नहीं दे रहे। रात से ही पुलिस पीछे लगी थी। हमारी गलती क्या है? हम अमित शाह से सवाल पूछने जा रहे थे कि अंकिता को न्याय क्यों नहीं मिला? शंकराचार्य जी को प्रयागराज में क्यों रोका गया? बापूग्राम शिवाजी नगर गुमानिवाला के लोगों के साथ गलत क्यों हो रहा? अगस्त्यमुनी में हमारे महाराज की डोली क्यों रोकी गई? लेकिन जानकी स्वेतु से पुलिस हमें कोतवाली ऋषिकेश उठाकर ले गयी है।
मुस्लिम सेवा संगठन रजि. के नईम कुरैशी और आकिब कुरैशी तथा भीम आर्मी उत्तराखंड के विनय रतन ने कहा कि आज भगवानपुर से हरिद्वार के लिए जाना था अमित शाह जी को ज्ञापन देने के लिए जो मस्जिद मदरसे और मजारों में तोड़फोड़ और मुसलमान पर जुर्म हो रहा है तो इस संबंध में वही भगवानपुर पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक लिया और एसडीएम से बात करके नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। मुस्लिम सेवा संगठन द्वारा देश के ग्रहमंत्री अमित शाह से मुलाक़ात करने के लिए हरिद्वार जाने की पूरी कोशिश करने पर पुलिस द्वारा मुस्लिम सेवा संगठन के अनेक लोगों को गिरफ्तार किया गया।संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक ज्ञापन माननीय गृह मंत्री को सौंपकर उत्तराखंड में व्याप्त भय, असुरक्षा और एकपक्षीय प्रशासनिक रवैये से अवगत कराना चाहते थे, ताकि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और कानून के समान अनुप्रयोग की दिशा में ठोस पहल हो सके। यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संविधान के दायरे में आयोजित किया गया था। परन्तु रास्ते में ही पुलिस प्रशासन ने बिना किसी उकसावे या अव्यवस्था के मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी, उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी सहित संगठन के समस्त कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और गिरफ्तार कर लिया। मुस्लिम सेवा संगठन का कहना है कि शांतिपूर्ण ज्ञापन सौंपने से पहले इस प्रकार की कार्रवाई न केवल लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है, बल्कि यह अल्पसंख्यक समुदाय की आवाज़ को दबाने का प्रयास भी प्रतीत होती है। संगठन स्पष्ट करता है कि कार्यकर्ताओं का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव या अव्यवस्था उत्पन्न करना नहीं था, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकारों के अंतर्गत अपनी बात देश के गृह मंत्री तक पहुँचाना था। संगठन ने इस कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले नागरिकों को भी गिरफ्तार किया जाएगा, तो यह लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर प्रश्न खड़े करता है। मुस्लिम सेवा संगठन, उत्तराखंड, इस घटनाक्रम को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण मानते हुए इसकी निंदा करता है और मांग करते हैं कि अल्पसंख्यक समाज की समस्याओं को संवैधानिक दृष्टि से गंभीरता के साथ सुना जाए। गिरफ्तारी देने वालों में संगठन के वरिष्ठ महासचिव सद्दाम कुरैशी, ज़ाकिर अंसारी, पूर्व प्रधान ढकरानी जिला अध्यक्ष पछवादून अय्यूब हसन ,कमर खान, नाजिम खान, रमीज राजा, नवाज़ कुरैशी, नाज़िम जैदी,अमान कुरैशी तहसीन अहमद,मुहम्मद सलमान , राशिद कुरैशी, रमीज़ राजा,मुहम्मद ताज आदि उपस्थित रहे।







