पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की मांग को लेकर एसडीपीआई का शांतिपूर्ण जन आंदोलन
22 दिसम्बर को ज़िला और विधानसभा कमेटियों द्वारा दिया जाएगा राष्ट्रपति को ज्ञापन


लखनऊ/बिजनौर (अनवार अहमद नूर/एशियन पत्रिका ब्यूरो)
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया उत्तर प्रदेश ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बैंच स्थापना की पुरानी चली आ रही मांग पर शांतिपूर्ण जन आंदोलन चलाने की घोषणा की है। एसडीपीआई के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष निज़ामुद्दीन खान द्वारा हाल ही में माननीय मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की स्थायी बेंच स्थापित किए जाने की मांग को लेकर एक विस्तृत पत्र प्रेषित किया गया है। इस मांग को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने के लिए SDPI ने राज्यव्यापी शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक जन आंदोलन शुरू करते हुए 22 दिसम्बर को ज़िला और विधानसभा कमेटियों द्वारा दिया राष्ट्रपति को ज्ञापन पत्र सौंपे जाएंगे।
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश—विशेषकर मेरठ—में हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि यह दशकों से लंबित एक गंभीर न्यायिक आवश्यकता है। आंकड़ों के अनुसार इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिल होने वाले लगभग 54 प्रतिशत वाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं, इसके बावजूद इस क्षेत्र में हाईकोर्ट की कोई स्थायी बेंच न होना वादकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के लिए अत्यंत कष्टकारी स्थिति उत्पन्न करता है। इससे न्याय तक सरल और सुलभ पहुंच बाधित हो रही है, जो संविधान की भावना के विपरीत है।
एसडीपीआई उत्तर प्रदेश ने घोषणा की है कि आंदोलन के प्रथम चरण में राज्य की सभी ज़िला एवं विधानसभा इकाइयों द्वारा 22 दिसंबर 2025 को अपने-अपने ज़िलों में जिलाधिकारी/उपजिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को संवैधानिक प्रावधानों, क्षेत्रीय न्यायिक आवश्यकताओं और व्यापक जनहित के आधार पर प्रमुखता से उठाया जाएगा। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह संपूर्ण आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक, विधि-सम्मत और शांतिपूर्ण रहेगा। यह किसी व्यक्ति, संस्था या सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि न्यायिक समानता सुनिश्चित करने और जनता को शीघ्र न्याय दिलाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
एसडीपीआई ने सभी न्यायप्रिय, लोकतंत्र और न्यायिक सुधारों के प्रति संवेदनशील नागरिकों, अधिवक्ताओं और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस जनहितकारी अभियान को सफल और प्रभावी बनाने के लिए तन-मन से सहयोग करें।






