जिलाधिकारी संभल के अनुसार कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया है।

संभल में हुई विवादित स्थल की नाप तौल।

संभल (एशियन पत्रिका ब्यूरो)
संभल में विवादित धार्मिक स्थल (शाही जामा मस्जिद बनाम श्रीहरिहर मंदिर) के निकट कब्रिस्तान की आठ बीघा भूमि की पैमाइश आज की गई। इस पैमाइश का उद्देश्य कब्रिस्तान की भूमि पर हुए कथित अवैध अतिक्रमण को चिह्नित करना और बाद में उसे हटाना है। किसी भी संभावित विवाद से बचने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने संबंधित हितधारकों के साथ पहले ही बैठक की है।

जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि राजस्व विभाग ने विवादित स्थल की पैमाइश कराई है। पैमाइश में यह स्पष्ट हुआ है कि यह ज़मीन पूरी तरह कब्रिस्तान की है। पैमाइश के दौरान यहां 22 मकान और दुकानें चिह्नित की गई हैं, जिन पर कब्ज़ा पाया गया है। उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। अगर उनके पास कोई दस्तावेज हैं तो वे दिखा सकते हैं। इसके बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञात रहे कि कुछ लोग कब्जा 60 से 65 साल पुराना बता रहे हैं, लेकिन जांच में सामने आया है कि कुछ कब्जे पुराने हैं और कुछ नए भी हैं। यह मामला धारा 67 के तहत कोर्ट में चलेगा और उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया होगी। किसी भी मकान या दुकान का रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।
बताया गया है कि मामला तीन से चार महीने में पूरा हो जाएगा। कुल 4780 वर्ग मीटर ज़मीन में से 1200 से 1500 वर्ग मीटर पर कब्ज़ा पाया गया है, जो लगभग ढाई बीघा है। सभी दुकानदारों और मकान मालिकों को नोटिस देकर उनका पक्ष सुना जाएगा, उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
शहर के मोहल्ला कोट पूर्वी में स्थित विवादित धार्मिक स्थल के पास यह कब्रिस्तान है। गाटा संख्या 32/2, जिसका रकबा 0.478 हेक्टेयर है, पर अवैध रूप से मकान और दुकानें बनाने के आरोप हैं। अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले भूमि की पैमाइश और नोटिस जारी करने के लिए 30 दिसंबर की तारीख तय की गई थी। इस कार्य के लिए तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार दीपक जुरैल, बबलू कुमार और अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। इस टीम में चार राजस्व निरीक्षक और बहुत से लेखपाल शामिल हैं, ताकि पैमाइश का कार्य निष्पक्ष और विधिवत तरीके से संपन्न हो सके। जिसे आज किया गया है।

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