असम में अनुसूचित जाति संगठनों का ऐक्य मंच ने राज्य के मंत्री पीयुष हजारिका को सौंपा कई मांगों सहित स्मारक पत्र।
असम में अनुसूचित जाति संगठनों का ऐक्य मंच ने राज्य के मंत्री पीयुष हजारिका को सौंपा कई मांगों सहित स्मारक पत्र।

असम में अनुसूचित जाति संगठनों का ऐक्य मंच ने राज्य के मंत्री पीयुष हजारिका को सौंपा कई मांगों सहित स्मारक पत्र।
पंकज नाथ, असम, 17 फरवरी :
असम के अनुसूचित जाति संगठनों के संयुक्त मंच ने लंबे समय से अनुसूचित जातियों की ज्वलंत समस्याओं के लिए संघर्ष किया है। असम सरकार के सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्री पीयुष हजारिका की उपस्थिति में जनता भवन में मंत्रियों के चैंबर में विशेष बैठक आयोजित हुई, जहां विस्तृत चर्चा के बाद संगठनों ने कई मांगों का स्मारक पत्र प्रस्तुत किया। बैठक में असम अनुसूचित जाति परिषद, असम अनुसूचित जाति युवा-छात्र संघ, असम अनुसूचित जाति छात्र संघ, अनुसूचित जाति संग्रामी युवा परिषद, सदौ असम कैवर्त युवा-छात्र सम्मेलन, सदौ असम अनुसूचित जाति महिला ऐक्य मंच, सदौ असम हीरा परिषद, हीरा सम्मेलनी, अनुसूचित जाति युवा-छात्र परिषद, सदौ असम सूत्रधर छात्र संघ और यूनाइटेड बहुजन रिपब्लिक एक्शन कमेटी ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों ने मंत्री के साथ विचार-विमर्श किया। मांगें अनुसूचित जातियों के भूमि अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और विकास से जुड़ी हैं। मंत्री ने सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। संगठनों ने स्वतंत्रता पूर्व लाखों भूमिहीन अनुसूचित जाति लोगों को सरकारी भूमि पर बसाने और ब्रह्मपुत्र के किनारे व विभिन्न जिलों में विस्थापित परिवारों को स्थायी पट्टे प्रदान करने की मांग उठाई। कई परिवार नदी के कटाव में आकर भूमिहीन हो गए हैं। थलुआ अनुसूचित जाति लोगों को भूमि आवंटन व पट्टा सुनिश्चित करने का दबाव बनाया गया। प्रत्येक जिला मुख्यालय में अनुसूचित जाति छात्राओं के लिए सुरक्षित आवास हेतु छात्रा निवारक निर्माण की मांग की गई। स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली बालिकाओं को सुरक्षित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सामाजिक पदवी (जाति) दावों की जांच हेतु सतर्कता कोष : उच्चतम न्यायालय के आदेश (केस नं. 1995 AJR 94, 1994 SCC (6) 241) के अनुपालन में प्रत्येक कार्यालय में सतर्कता कोष गठन (संदर्भ: TAD/BC/560/2014/15)। कार्यालय स्मारक TAD/BC/855/2013/152 : धारा 7, 8 व 9 का पूर्ण कार्यान्वयन व कानूनी विशेषज्ञों के साथ संशोधन (11 मई, 2018)।अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 : प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय सतर्कता समिति गठन व राज्य समिति की कार्यविवरणी जारी (संदर्भ: TAD/BC/899/2012/75-A, 4 जुलाई, 2018)।मिशन भूमिपुत्र ऐप : जाति प्रमाण-पत्र में सत्यापन हेतु 27 जनवरी 2016 के आदेश (TAD/BC/1502012/191) का संशोधन, ताकि गैर-अनुसूचित व्यक्ति लाभ न उठाएं। 5 नवंबर 2023 तक 5,23,669 आवेदनों में केवल 3,39,659 स्वीकृत।विकास हेतु पूंजी आवंटन : आय-सृजनकारी योजनाओं पर फोकस, जैसे 1,000 ई-रिक्शा वितरण शिक्षित बेरोजगार युवाओं को। विकास परिषद पुनर्गठन : 11 नवंबर 2015 (TAD/BC/597/2011/54) के विघटित परिषद का पुनर्गठन।श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र : सती राधिका दिवस, आंबेडकर दिवस आदि के लिए 5 बीघा भूमि व कन्वेंशन सेंटर। छात्रा निवारक (छोवाली हॉस्टल) : सरुमतरीया का बहुमंजिला भवन 4 वर्ष से बंद, शीघ्र चालू करने हेतु संस्था नियुक्ति। ऐसे कई सारे मांगों का मौखिक चर्चा के साथ स्मारक पत्र सौंपे गए। मंत्री ने मांगों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कदम उठाने का वचन दिया। यह कदम असम की अनुसूचित जातियों के उत्थान में मील का पत्थर साबित हो सकता है।







