अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर, विज्ञान भवन में, महान विभूतियों को दिया जाएगा मानवाधिकार अवार्ड : चौधरी जमशेद आलम
अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा समिति में महत्वपूर्ण पदों पर सौंपी गई ज़िम्मेदारियां


नई दिल्ली (एशियन पत्रिका/अनवार अहमद नूर)
यहां विज्ञान भवन में अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस कार्यक्रम आगामी 10 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा समिति की ओर से होने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न राजनेताओं, मानव अधिकार कार्यकर्ताओं, लेखकों, पत्रकारों, बुद्धीजीवियों, सरकारी अधिकारियों तथा समाज सेवियों को उनकी उपलब्धियों व बेहतर सेवाओं के लिए “मानवाधिकार अवार्ड 2025” से सम्मानित किया जाएगा। अवार्ड प्रदान करने के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा पूर्व राष्ट्रपति महामहिम श्री रामनाथ कोविंद को आमंत्रित किया गया है। उक्त जानकारी अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जमशेद आलम ने कांस्टीट्यूशन क्लब नई दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी। समिति की ओर से मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी सम्मेलन भी आयोजित किया गया जिसमें अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा समिति (आईएचआरपीसी) की नेशनल बॉडी तथा स्टेट बॉडी में लोगों को महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियां सौंपी गई ।
उत्तम प्रसाद को समिति की राष्ट्रीय टीम में बतौर सलाहकार (एडवाइज़र), मोहम्मद नौशाद क़ुरैशी को नेशनल वाइस चेयरमैन घोषित किया गया। अमरजीत सिंह तनेजा को दिल्ली स्टेट चेयरमैन , रोमिता नारंग को दिल्ली महिला विंग का चेयरमैन और साध्वी नीलिमानंद को दिल्ली महिला विंग का वाइस चेयरमैन घोषित किया गया इसके अलावा उत्तर प्रदेश काउंसिल के अध्यक्ष के तौर पर अब्दुल्ला पठान की नियुक्ति की भी घोषणा की गई ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आयी एच आर पी सी के नेशनल चेयरमैन चौधरी जमशेद आलम ने कहा कि सुरक्षा समिति पिछले 25 वर्षों से निरंतर मानव अधिकार क्षेत्र में कार्य कर रही है। इस दौरान देश भर में दर्जनों मामलों को उच्च स्तरीय जाँच तथा न्याय की मुख्यधारा में लाकर लोगों को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने बताया कि दस दिसंबर को दिल्ली के विज्ञान भवन में अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा पूर्व राष्ट्रपति महामहिम श्री रामनाथ कोविंद को आमंत्रित किया गया है। साथ ही इस कार्यक्रम में अनेक केंद्रीय मंत्री तथा राज्यों के मंत्रीगण भी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में ना सिर्फ़ राजनेताओं बल्कि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं लेखकों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, अधिकारियों तथा समाज सेवियों को उनके क्षेत्र में सराहनीय सेवाओं के लिए मानवाधिकार अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।







