देहरादून में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर “मुख्यमंत्री आवास घिराव” विशाल प्रदर्शन 

अब 11 जनवरी को पूरा उत्तराखंड बंद रखने का किया गया आव्हान 

देहरादून (उत्तराखंड)(एशियन पत्रिका ब्यूरो)

देहरादून के परेड ग्राउंड में एकत्र होकर बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया और उत्तराखंड के अंकिता के जघन्य हत्याकांड में न्याय और सीबीआई जांच की माँग को बुलंद किया। जमकर नारेबाजी हुई। उत्तराखंड की सरकार और पुलिस के विरोध में प्ले कार्ड प्रदर्शित किए गए। इस प्रदर्शन और मुख्यमंत्री आवास के घिराव करने का उद्देश्य था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले की निष्पक्ष सीबीआई जाँच हो और जिस वीआईपी का नाम सामने आ रहा है, उसे सार्वजनिक किया जाए।

देहरादून में हज़ारों लोगों का हुजूम, (जिसमें कांग्रेस सहित अनेक विपक्षी दल, महिला संगठन, कम्युनिस्ट पार्टी संगठन और आम नागरिक शामिल थे) अंकिता भंडारी मर्डर केस के नए खुलासों की सीबीआई जाँच को लेकर लोग मुख्यमंत्री आवास की तरफ़ बढ़ा, पुलिस ने रोका से तीखी नोक झोंक हुई, गुस्से में दिलाराम चौक पर रास्ते में लगे सीएम के बैनर को फाड़ डाला गया। जहां एक ओर उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि न कोई वीआईपी था न कोई सीबीआई जांच होगी तो दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों संगठनों ने एक दिवसीय उत्तराखंड बंद की घोषणा कर दी है।और यूकेडी ने 11 जनवरी को पूरा उत्तराखंड बंद रखने का आव्हान किया है।

परेड ग्राउंड से अनेक विपक्षी दलों ने देहरादून में मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करते हुए हत्याकांड में ‘वीआईपी’ के नाम का खुलासा किए जाने के लिए प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की अपनी मांग को दोहराया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में ‘अंकिता को न्याय दो’, ‘और नहीं अब देर करो, मुख्यमंत्री को घेर लो’ और ‘असली दोषी कौन है,जो दिल्ली में मौन है’ की तख्तियां लिए हुए थे। इससे पहले उत्तराखंड पुलिस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में किसी ‘वीआईपी’ के नहीं होने का स्पष्टीकरण दिया था।

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