भविष्य का भारत ऐसा हो जहाँ लोग एक-दूसरे के धर्मों का सम्मान करें: एफ.आई.इस्माइली
देश के संवैधानिक तंत्र पर भारत के मुसलमानों को पूरा विश्वास है

नई दिल्ली (अनवार अहमद नूर/एशियन पत्रिका)
उर्स कमेटी के पूर्व चेयरमैन एफ.आई. इस्माइली ने कहा कि आजकल अक्सर टीवी डिबेट्स में देखा जाता है कि एक खास पार्टी के मीडिया प्रवक्ता मुस्लिम-विरोधी भाषा अपनाते हैं, जो देश के मुसलमानों के लिए स्वीकार्य नहीं है। इस्माइली ने कहा कि चाहे देश और प्रदेश में किसी की भी सरकार हो, आज भी भारत के मुसलमानों का देश के संवैधानिक तंत्र पर भरोसा कायम है।
इस्माइली ने कहा कि सभी लोग मिल-जुलकर ऐसे भारत का निर्माण करें जहाँ नागरिक एक-दूसरे की भाषाओं, संस्कृतियों और धर्मों का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि देश के मुसलमानों की बहुसंख्या न्याय और समानता की बात करती है, लेकिन मुसलमानों के संबंध में कुछ हलकों में जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, वह किसी लोकतांत्रिक समाज के अनुरूप नहीं हो सकता।
इस्माइली ने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जम्मू-कश्मीर में मुस्लिम छात्रों के मेरिट के आधार पर दाखिलों पर आपत्ति, और दरगाह फ़ैज़-ए-इलाही की पहचान,स्वीकृति को लेकर रात में की गई बुलडोज़र कार्रवाई—ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनसे मुसलमानों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि क़ानून लागू करने वाली एजेंसियों का पक्षपातपूर्ण रवैया, मुसलमानों के ख़िलाफ़ कार्रवाइयों में तेज़ी, मस्जिदों और मज़ारों का ध्वस्तीकरण, सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ को लेकर पाबंदियाँ, और मुस्लिम नामों से जुड़े स्थानों के नाम बदलना—ऐसी अनेक घटनाएँ अल्पसंख्यकों के भीतर अविश्वास और निराशा की भावना बढ़ा रही हैं। इस्माइली ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा सरकार के दौर में बहुसंख्यक समुदाय से जुड़े कट्टरपंथी खुलेआम संविधान और क़ानून की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और ऐसे तत्वों को प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, विशेषकर भाजपा पदाधिकारियों और मीडिया प्रवक्ताओं की भाषा में मुस्लिम-विरोधी रुख़ महसूस किया जाता है, जो मुसलमानों के लिए अस्वीकार्य है। इस्माइली ने ये भी कहा कि भारत एक बेहद खूबसूरत देश है और शायद ही दुनिया में कोई ऐसा देश हो जहाँ हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई आपस में मिल-जुलकर प्रेम और भाईचारे के साथ रहते हों, और जिस पर दुनिया ईर्ष्या करती हो। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाना चाहती है, यह तभी संभव है जब सभी धर्मों और सभी वर्गों के लोग आपस में मिल-जुलकर रहें और भाईचारे को बढ़ावा मिले। उम्मीद है कि भाजपा सरकार देश के सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार करेगी और न्याय स्थापित करेगी।
इस्माइली का स्पष्ट संदेश है कि चाहे सरकार किसी की भी हो,भारत का मुसलमान देश के साथ हमेशा खड़ा था और खड़ा रहेगा।







