अमेरिका ने अपने सैनिक आपरेशन में वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति को पकड़ा और उस देश पर अपना अधिकार जमाया
विश्व के देशों में कड़ी प्रतिक्रिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी सेना की प्रशंसा करते हुए वेनेज़ुएला पर लगाए गंभीर आरोप।

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए की गई अमेरिकी कार्रवाई को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ बताया
नई दिल्ली (अनवार अहमद नूर की क़लम से )
दुनिया के सबसे बड़े ताकतवर देश अमेरिका ने अपनी शक्ति का उपयोग करके एक देश वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति को न सिर्फ अपने कब्जे में कर लिया बल्कि उस देश पर अपना अधिकार जमाते हुए कह दिया कि अब वेनेजुएला पर अमेरिका का कब्जा है और जब तक वहां हालात ठीक नहीं हो जाते, वेनेजुएला को अमेरिका ही चलाएगा।
अमेरिका ने मादुरो को पकड़ने वाले ऑपरेशन का नाम एब्सोल्यूट रिजॉल्व (पक्का इरादा) बताते हुए इस आपरेशन का विवरण और तस्वीरें भी सार्वजनिक कर दी हैं। बताया गया है कि इस ऑपरेशन में 150 से ज्यादा विमान शामिल थे, जिसमें F-18, F-22, F-35 लड़ाकू विमान और B-1 बॉम्बर और ड्रोन थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रात 10:46 बजे इस ऑपरेशन की मंजूरी दी। करीब सवा 2 घंटे बाद करीब 1 बजे अमेरिकी सेना मादुरो के ठिकाने पर पहुंची और महज डेढ़ घंटे बाद रात 3:29 बजे ऑपरेशन खत्म कर लौट गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस प्रकरण में बहुत कुछ कहा है उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिकों ने वेनेजुएला में शानदार मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम दिया है। यह अमेरिकी ताकत का शानदार नजारा था। यह बहुत ही प्लानिंग के साथ की गई थी। कोई भी देश ऐसा नहीं कर सकता। ऑपरेशन में अमेरिका की पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल किया गया। हमले के लिए हवा, ज़मीन और समुद्र तीनों रास्तों से सेना को लगाया गया। यह हमला इतना प्रभावशाली था कि ऐसा नज़ारा सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद कभी किसी ने नहीं देखा। उन्होंने कहा कि पहले सैन्य हमले के बाद अमेरिका दूसरा हमला करने के लिए भी पूरी तरह तैयार था। लेकिन पहले हमले की सफलता इतनी ज्यादा थी कि दूसरी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ी। अगर भविष्य में ज़रूरत पड़ी, तो अमेरिका दोबारा हमला करने के लिए तैयार रहेगा।
अमेरिका की ओर से हुए हमले में वेनेजुएला के 4 शहरों पर एक साथ हमला किया गया था। इस दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एक मिलिट्री बेस में सो रहे थे। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि उन्होंने मादुरो और उनकी पत्नी को बेडरूम से घसीटकर बाहर निकाला और अपने क़ब्ज़े में ले लिया। फिलहाल मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला को अमेरिकी सैनिक न्यूयॉर्क लेकर पहुंचे हैं।
अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने बयान जारी कर कहा था कि वे जवाब देंगे। उन्होंने देशभर में इमरजेंसी लगाने का ऐलान किया था। उनके बयान जारी करने के एक घंटे बाद ट्रम्प ने उन्हें पकड़ने का ऐलान किया। अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला की सरकार अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा बन रही थी और वहां से अमेरिका के ख़िलाफ़ साजिशें हो रही थीं। ट्रम्प ने आरोप लगाया है कि वेनेजुएला उनके देश में कोकीन और फेंटेनाइल जैसी खतरनाक ड्रग्स की तस्करी का बड़ा रास्ता बन चुका है। इसे ख़त्म करने के लिए मादुरो को सत्ता से हटाना ज़रूरी है। ट्रम्प का आरोप है कि मादुरो की नीतियों से लाखों वेनेजुएलाई लोगों को देश छोड़ अमेरिका भागना पड़ा। उन्होंने जेल और मानसिक अस्पताल से अपराधियों को अमेरिका भेजा।
ट्रम्प ने ये भी कहा कि वेनेजुएला को चलाने के लिए एक खास टीम बनाई गई है। इसमें अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम वेनेजुएला में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सरकारी संस्थानों को दोबारा कामकाजी बनाने, तेल, ऊर्जा और सुरक्षा जैसे अहम सेक्टर को स्थिर करने, और ट्रांजिशन पीरियड को संभालने में मदद करेगी।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका इसके लिए वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ मिलकर काम कर रहा है। जबकि वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज ने अमेरिका से राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को तुरंत रिहा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मादुरो ही देश के वैध राष्ट्रपति हैं।
अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के प्रमुख जनरल डैन केन ने बताया कि इस ऑपरेशन की महीनों तक रिहर्सल की गई। अमेरिकी सेना को यह तक पता था कि मादुरो क्या खाते हैं, कहां रहते हैं, उनके पालतू जानवर कौन से हैं और वे कैसे कपड़े पहनते हैं। यहां तक कि मादुरो के घर जैसा नकली भवन बनाकर अभ्यास किया गया था।
ट्रम्प ने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह अंधेरे में किया गया। काराकस शहर की लाइटें बंद कर दी गईं, ताकि अमेरिकी सैनिकों को फायदा मिल सके। हमले के दौरान कम से कम 7 धमाके सुने गए। पूरा ऑपरेशन 30 मिनट से भी कम समय में खत्म हो गया। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना के कुछ जवान घायल हुए, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई। ट्रम्प ने बताया कि खराब मौसम की वजह से ऑपरेशन चार दिन टालना पड़ा। जैसे ही बादल हटे और हालात सही हुए, ऑपरेशन को हरी झंडी दे दी गई। हेलिकॉप्टर समुद्र के बेहद पास उड़ते हुए वेनेज़ुएला पहुंचे और ऊपर से अमेरिकी लड़ाकू विमान सुरक्षा दे रहे थे।
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में मादुरो के पकड़े जाने पर लोगों में भारी नाराज़गी देखी गई है दूसरी तरफ अमेरिका के दोस्तों और हमदर्दों ने उसे बधाई दी है।
फ्रांसासी राष्ट्रपति बोले ने कहा कि वेनेजुएला के लोग तानाशाही से आज़ाद हुए। इसे लेकर खुश हैं। सत्ता पर जबरन कब्जा करके और बुनियादी आज़ादी को कुचलकर, मादुरो ने अपने ही देश के लोगों की गरिमा को गहरी ठेस पहुंचाई। अब जो सत्ता परिवर्तन होगा, वह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और वेनेज़ुएला के लोगों की इच्छा के मुताबिक होना चाहिए। हमारी इच्छा है कि 2024 में चुने गए राष्ट्रपति एडमुनदो गोंजालेज उरुतिया जल्द से जल्द इस बदलाव की जिम्मेदारी संभालें।
इजराइली पीएम नेतन्याहू ने ट्रम्प को बधाई दी
इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को बधाई दी है। उन्होंने X पोस्ट में लिखा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प को स्वतंत्रता और न्याय के पक्ष में उनके साहसिक और ऐतिहासिक नेतृत्व के लिए बधाई। मैं आपके निर्णायक संकल्प और आपके बहादुर सैनिकों की शानदार कार्रवाई को सलाम करता हूं।
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए की गई अमेरिकी कार्रवाई को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ बताया है। उनका कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानून दोनों का उल्लंघन है। ममदानी ने कहा है कि मेयर पद संभालने के सिर्फ तीन दिन बाद ही उन्हें इस ऑपरेशन और मादुरो को न्यूयॉर्क में हिरासत में रखने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि किसी संप्रभु देश पर अकेले हमला करना युद्ध जैसा कदम है और यह देश और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। सत्ता बदलने की यह खुली कोशिश सिर्फ विदेशों तक सीमित नहीं है, इसका सीधा असर न्यूयॉर्क पर भी पड़ता है। यहां रहने वाले हजारों वेनेजुएलावासी पर इसका असर पड़ेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोनाल्ड ट्रम्प से पूछा गया कि दक्षिण अमेरिका के एक देश में दखल देना उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ नारे से कैसे मेल खाता है। इस पर ट्रम्प ने कहा कि यह बिल्कुल मेल खाता है, क्योंकि अमेरिका अपने आसपास अच्छे पड़ोसी चाहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने आसपास स्थिर देश चाहिए। ट्रम्प ने कहा कि वेनेजुएला में तेल और ऊर्जा के बड़े संसाधन हैं। यह ऊर्जा अमेरिका के लिए भी ज़रूरी है और पूरी दुनिया के लिए भी। इसलिए अमेरिका चाहता है कि इन संसाधनों को सुरक्षित रखा जाए।







