दीनी तालीमी बोर्ड जमीयत उलमा बहराइच की बैठक में दीनी तालीम और तरबियत पर ज़ोर
बैठक में कहा गया कि मौजूदा दौर में दीनी तालीम के बग़ैर समाज सुधार संभव नहीं है

बहराइच (यूपी)(एशियन पत्रिका ब्यूरो)
दीनी तालीमी बोर्ड जमीयत उलमा बहराइच के नेतृत्व में हज़रत हाफ़िज़ मोहम्मद सईद अख़्तर नूरी अध्यक्ष दीनी तालीमी बोर्ड जमीयत उलमा ज़िला बहराइच के संरक्षण में एक अहम मीटिंग काली मस्जिद नाज़िरपुरा में हुई। जिस की अध्यक्षता हज़रत मौलाना अलीमुद्दीन क़ासमी अध्यक्ष दीनी तालीमी बोर्ड जमीयत उलमा शहर बहराइच ने की। इस मीटिंग का मक़सद माह रजबुल मुरज्जब को “दीनी तालीमी बेदारी मुहिम” के तौर पर मनाने के सिलसिले में ग़ौर फ़िक्र और व्यवहारिक क़दम उठाना है । मीटिंग का आग़ाज़ मौलाना मुफ्ती मेराज अहमद नूरी की तिलावत क़ुरआन पाक से हुआ। मीटिंग में इस बात पर इत्तिफ़ाक़ किया गया कि रजबुल मुरज्जब के महीने में मस्जिदों, मदरसों और मोहल्ला सतह पर दीनी तालीमी बेदारी मुहिम चलाई जाएगी, जिस के तहत बच्चों और नौजवानों में दीनी तालीम की अहमियत उजागर की जाएगी। मकातिब व मदरसों से दूर रहने वाले बच्चों को दीनी तालीम से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। वालिदैन में दीनी शऊर बेदार करने के लिए बयानात और नशिस्तों का एहतिमाम किया जाएगा। मस्जिदों में इस्लाही बयानात और शिक्षा दीक्षा प्रोग्राम किए जाएंगे।
नमाज़ जुमा से पहले दीनी तालीम की अहमियत व ज़रूरत पर उलमा के बयानात करवाएं जाएंगे। दीनी तालीमी बोर्ड के ज़िम्मेदारान ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि मौजूदा दौर में दीनी तालीम के बग़ैर समाज सुधार संभव नहीं, इसलिए सबको इस मुहिम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। ज्ञात रहे कि जो छः महीने में दस शिक्षा केन्द्र की स्थापना का टारगेट रखा गया था उसमें सिर्फ़ एक महीने के अंदर पांच सेंटर स्थापित हो चुके हैं। आख़िर में दुआ के साथ मीटिंग ख़त्म हुई, जिस में अल्लाह तआला से इस दीनी तालीमी बेदारी मुहिम को कामयाब बनाने और उम्मत मुस्लिमा के लिए मुफ़ीद साबित होने की दुआ की गई।
इस अवसर पर मौलाना मुफ्ती अब्दुल वहीद क़ासमी ज़िला महासचिव, मौलाना वसीउल्लाह क़ासमी नगर उपाध्यक्ष, मौलाना मोहम्मद इसहाक़ नूरी नगर उपाध्यक्ष, मौलाना मोहम्मद सालिम हयातुल्लाह नूरी संरक्षक/नगर महासचिव, मौलाना मुफ्ती मेराज अहमद नूरी नगर सचिव, मौलाना मोहम्मद ज़ैद क़ासमी कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।







