कानपुर को साम्प्रदायिकता की आग में झोंकने वालों से बचाना ज़रूरी है

कानपुर में रोज़ रोज़ नफ़रत के बीज बोने वाले नफ़रती चिंटूओं का सिर उठाकर हेट स्पीच देना जारी

“48 घंटे में गौ-हत्यारे नहीं पकड़े गये तो कानपुर की सभी मस्जिदों के सामने सुअर की बोटियां मिलेंगी :   राहुल बच्चा सोनकर (बीजेपी विधायक)

कानपुर (यूपी) (एशियन पत्रिका ब्यूरो)

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर को साम्प्रदायिकता और विद्वेष की आग में झोंकने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। अगर पुलिस प्रशासन ज़रा सी भी लापरवाही कर गया तो कानपुर जैसा शहर किस दशा को प्राप्त होगा ये सभी जानते हैं। कानपुर में रोज़ रोज़ नफ़रत के बीज बोने वाले नफ़रती चिंटूओं का सिर उठाकर हेट स्पीच देना जारी है। इसके साथ ही ऐसी हरकतें भी की जा रही हैं। जिससे धार्मिक भावनाओं में उबाल आ जाए और लोग भड़क कर एक दूसरे के दुश्मन हो जाएं। ये बहुत भयानक साज़िश है जिसको बेनकाब करना और दोषियों को सख़्त सज़ा देना बहुत ज़रूरी है।
यूपी के कानपुर से चौकाने वाला मामला सामने आया है। बिल्हौर में मवेशियों के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस बैकफुट पर आ गई है। सोमवार को हिंदूवादी संगठनों के विरोध के बाद पुलिस ने दारोगा की तहरीर पर बिल्हौर के नगर पालिका अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष समेत 10 नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ गोहत्या निवारण अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें दो गिरफ्तारियां भी हुई थीं। मंगलवार को पुलिस को उस वक्त यूटर्न लेना पड़ा, जब मृत पशुओं के देह निस्तारण का लाइसेंस पुलिस के सामने पेश किया गया।
उधर भाजपा के एक विधायक के बिगड़े बोल भी सामने आए हैं उन्होंने कहा है कि “48 घंटे में गौ-हत्यारे नहीं पकड़े गये, तो कानपुर की सभी मस्जिदों के सामने सुअर की बोटियां मिलेंगी। ये बयान देने वाले हैं बीजेपी विधायक राहुल बच्चा सोनकर। ये सभी जानते हैं कि अपराधी को उनके गुनाह का सज़ा मिलना चाहिए लेकिन एक व्यक्ति के वजह से पूरे समाज में हिंसा भड़काने के लिए उकसाना कहां तक उचित है। यह व्यक्ति उत्तर प्रदेश भाजपा का विधायक है और यह दंगा भड़काने वाला बयान दे रहा है ऐसे लोगों को संवैधानिक पद में रहने का कोई हक है।
उत्तर प्रदेश प्रशासन से अनुरोध है कि जो भी व्यक्ति साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिश की उसे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए।
यह आदमी खुले आम कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहा है ऐसे लोग सबसे बड़े अपराधी हैं इसे जेल में होना चाहिए।
इस समय सख़्त आवश्यकता है कि कानपुर पुलिस और प्रशासन समझदारी से काम लें और असमाजिक तत्वों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें ताकि भविष्य में कानपुर शहर में कोई अप्रिय घटना न घट सके।

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