अदालत ने दिए 13 पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
पुलिस ने साजिश के तहत फर्जी कहानी गढ़ी और मुठभेड़ दिखाकर कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया।

संभल (एशियन पत्रिका ब्यूरो)
संभल में फर्जी मुठभेड़ के एक गंभीर मामले में अदालत ने बड़ा आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने तत्कालीन सीओ समेत 13 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इन पुलिसकर्मियों में घटना के समय तैनात रहे सीओ के अलावा दो इंस्पेक्टर, चार दरोगा और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।
मामला उस कथित मुठभेड़ से जुड़ा है, जिसे पुलिस ने लूट की घटना के बाद की कार्रवाई बताते हुए दर्शाया था। लेकिन कोर्ट के सामने पेश रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। अदालत ने पाया कि जिस दिन लूट की घटना दिखाकर आरोपी को मुठभेड़ में शामिल बताया गया, उसी दिन वह आरोपी किसी अन्य मामले में जिला कारागार बदायूं में बंद था।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला फर्जी एनकाउंटर और निर्दोष व्यक्ति को झूठे केस में फंसाने का प्रतीत होता है। अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही और अधिकारों के दुरुपयोग का मामला मानते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने साजिश के तहत फर्जी कहानी गढ़ी और मुठभेड़ दिखाकर कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया। कोर्ट ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सके। इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।







