प्रेस क्लब ऑफ इण्डिया’ के चुनाव परिणामों में चुनी गई महिला अध्यक्ष संगीता बरुआ पिशरोटी
68 सालों में PCI को मिलीं पहली महिला अध्यक्ष और निर्विरोध कोषाध्यक्ष सुश्री अदिति राजपूत



नई दिल्ली (एशियन पत्रिका/अनवार अहमद नूर)
देश भर के पत्रकारों और लेखको के दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने एक इतिहास रचते हुए पहली बार महिला पत्रकार को अध्यक्ष चुना है। 1957 में स्थापित इस क्लब के 68 साल के इतिहास में पहली बार कोई महिला पत्रकार अध्यक्ष चुनी गई हैं। अध्यक्ष के रूप में 4000 से अधिक पत्रकारों ने संगीता बरुआ को अध्यक्ष चुना है।
13 दिसंबर को हुए चुनावों में पिशरोटी के नेतृत्व वाले पैनल ने सभी पदाधिकारियों और प्रबंध समिति की सीटों पर जीत दर्ज करते हुए 21–0 की शानदार सफलता हासिल की। अध्यक्ष पद के लिए संगीता बरुआ पिशरोटी ने निर्णायक बढ़त के साथ 1,019 वोट प्राप्त किए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी अतुल मिश्रा और अरुण शर्मा को क्रमशः 129 और 89 वोट मिले।
महासचिव पद पर अफ़ज़ल इमाम ने 948 वोट हासिल कर ज्ञान प्रकाश (290 वोट) को स्पष्ट अंतर से पराजित किया। उपाध्यक्ष पद पर जितेन गांधी ने 1,029 वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की और अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी प्रह्लाद सिंह राजपूत को 900 से अधिक वोटों के अंतर से हराया। कोषाध्यक्ष पद के लिए आदित्य राजपूत और संयुक्त सचिव पद के लिए पी. आर. सुनील निर्विरोध निर्वाचित हुए।
पीसीआई के मुख्य चुनाव आयुक्त एम. एम. सी. शर्मा और उनकी टीम ने शाम के समय प्रेस क्लब के लॉन में बड़ी संख्या में मौजूद पत्रकारों के बीच चुनाव परिणामों की घोषणा की।
16 सदस्यीय प्रबंध समिति के चुनाव में नीरज कुमार 932 वोट के साथ शीर्ष पर रहे। उनके बाद अभिषेक कुमार सिंह (911), जहानवी सेन (903), अशोक कौशिक (892), कौलव भट्टाचार्य (882), प्रवीण जैन (878), अग्रज प्रताप सिंह (865), मनोज शर्मा (861), न्यानिमा बसु (851), पी. बी. श्रीश (838), वी. पी. पांडे (833), प्रेम बहुखंडी (831), स्नेहा भूरा (829), जावेद अख़्तर (823), रज़ा हसन लस्कर (781) और सुनील कुमार (780) निर्वाचित हुए।
परिणामों की घोषणा के बाद संगीताबरुआ पिशरोटी ने कहा कि यह चुनाव प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया के सदस्यों द्वारा उनके पैनल के विज़न और स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा जिम्मेदार पत्रकारिता के मूल्यों के प्रति सामूहिक विश्वास का प्रमाण है। असम से ताल्लुक रखने वाली संगीता एक लेखिका भी हैं। असम पर उनकी एक किताब और पूर्वोत्तर पर कई रिपोर्ट्स चर्चित रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि संगीता बरुआ पहली महिला पत्रकार हैं, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित क्लब के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का साहस दिखाया और अन्य दो उम्मीदवारों को पराजित किया।







