जन अधिकार पार्टी द्वारा दिए गए ज्ञापन में उठाई भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मांग 

प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार को देखते हए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

लक्सर (हरिद्वार)(दिलशाद अली)

लक्सर ज़िला हरिद्वार में जन अधिकार पार्टी (ज) ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया है।साथ ही प्रदर्शन भी किया, जिसमें प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। वीसी सोनिका मीणा और डीपीआरओ अतुल के ख़िलाफ़ भी मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। जन अधिकार पार्टी (ज.) के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाध्यक्ष रुड़की एवं हरिद्वार के नेतृत्व मेँ प्रदेश मेँ बढ़ते भ्रष्टाचार को देखते हए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया गया कि बढ़ते भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जानी चाहिए।

ज्ञापन पत्र में पार्टी के पदाधिकारियों ने मांग की है कि कलियर से बढ़ेड़ी के बीच नेशनल हाईवे में मानकों को दरकिनार कर मिट्टी की जगह रेत का प्रयोग किया जा रहा है जो की आसपास की नदियों से लाकर लगाया जा रहा है व उक्त कार्य की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए और ज़ब तक जाँच नहीं होती तब तक कार्य को बंद किया जाना चाहिए। इसमें जो कर्मचारी या अधिकारी दोषी हैं उसके ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिए। ज़ब तक जांच नहीं हो जाती कार्य को पूर्ण रूप से बंद किया जाना चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि डीपीआर ओ अतुल सिंह हरिद्वार के द्वारा ग्राम माधोपुर हज़रतपुर ब्लॉक रुड़की के ग्राम प्रधान कु۔ अफरीन के द्वारा गाँव में विकास कार्यों में की गई अनियमितताओं व सरकारी धन का गबन-दुरुपयोग करने में करायी गई जांच में सांठ-गांठ कर गलत जांच रिपोर्ट दी गई है जिसमें डीपीआरओ व सहायक विकास अधिकारी आदि ने ग्राम प्रधान से सांठ-गांठ कर गलत रिपोर्ट दी है ऐसे भ्र्ष्ट अधिकारी व इसके साथ शामिल कर्मचारियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही की जानी चाहिए।

पार्टी के जिलाध्यक्ष ने एचआरडीए पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुम्भ मेले कार्य निर्माण हेतु राजन कुमार जिनकी उम्र 55 वर्ष से अधिक है, उनकी नियुक्ति की जाती है। नियमों की अवहेलना क़र नियुक्ति करना विभाग पर गंभीर आरोप हैं। उक्त अधिकारी की आयु, नियुक्ति आदेश एवं प्रतिनियुक्ति से संबंधित समस्त अभिलेखों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। नियमों का उल्लंघन किया गया है तथा नियुक्ति तत्काल निरस्त की जाए। इस अवैध नियुक्ति के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। बताया गया कि लिखित शिकायत देने के बावजूद भी उक्त को नहीं हटाया गया है, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एचआरडी ए के उपाध्यक्ष के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। उन्होंने ये भी कहा कि एचआरडीए अधिकारी प्रशांत सेमवाल जो गलत तरीके से नक़्शे पास क़र अवैध निर्माण करवा रहे हैं और उनकी जांच की जाए। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना चाहिए था परंतु एचआरडीए के उपाध्यक्ष सोनिका मीणा के द्वारा सेमवाल को सरंक्षण दिया जा रहा है।

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