यूनानी शिक्षा पद्धति में उर्दू का महत्व विषय पर संगोष्ठी तथा निःशुल्क चिकित्सा शिविर
विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।



नई दिल्ली (अनवार अहमद नूर/एशियन पत्रिका)
विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस के अवसर पर आवामी एकता वेलफेयर एसोसिएशन (पंजीकृत) दिल्ली एवं उर्दू अकादमी दिल्ली के संयुक्त सहयोग से “यूनानी शिक्षा पद्धति में उर्दू का महत्व” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी तथा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में तसहीन अली असरावी (सामाजिक कार्यकर्ता, मुज़फ्फरनगर), एडवोकेट शाह जबीं क़ाज़ी साहिबा एवं हाजी शमीम अहमद ने भाग लिया। संगोष्ठी का संचालन हाफ़िज़ शकील अहमद ने किया। संगोष्ठी में डॉ. बदरुस्सलाम कीरानवी, कौसर साहिबा, मोहम्मद अफ़्फ़ान, सलाहुद्दीन, शहाना परवीन, मोहम्मद वसीम सिद्दीकी, गुलफ़ाम अली, मोहम्मद फ़ैज़, मलिहा फ़ातिमा और मोहम्मद जावेद ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। यह संगोष्ठी महमूदिया पब्लिक स्कूल, चौहान बांगर, दिल्ली में आयोजित हुई।
संगोष्ठी में शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए डॉ. बदरुस्सलाम कीरानवी ने कहा कि यूनानी शिक्षा पद्धति में उर्दू का विशेष और बुनियादी महत्व है। भारतीय उपमहाद्वीप में यूनानी चिकित्सा की शिक्षा, अध्यापन और प्रचार-प्रसार में उर्दू ने संपर्क भाषा की भूमिका निभाई है। प्राचीन हकीमों की अधिकांश रचनाएँ, पाठ्य पुस्तकें और नुस्खे उर्दू में उपलब्ध हैं, जिससे विद्यार्थियों के लिए इस ज्ञान को समझना सरल हो जाता है। वसीम सिद्दीकी ने कहा कि उर्दू भाषा ने यूनानी चिकित्सा की जटिल पारिभाषिक शब्दावली को सरल बनाकर आम लोगों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हकीम अजमल ख़ान, हकीम कबीरुद्दीन और अन्य प्रसिद्ध हकीमों ने उर्दू में जो वैज्ञानिक धरोहर छोड़ी है, वह आज भी यूनानी शिक्षा की आधारशिला है।
इस अवसर पर हकीम अता-उर-रहमान अजमली ने कहा कि यूनानी शिक्षा पद्धति में उर्दू केवल एक भाषा नहीं, बल्कि ज्ञान और हिकमत के संप्रेषण का सशक्त माध्यम है, जिसके बिना यूनानी चिकित्सा की शिक्षा अधूरी मानी जाती है।
इस कार्यक्रम में हकीम सरफ़राज़ अहमद, हाजी शमीम अहमद, हबीब सैफ़ी, सीमा मिर्ज़ा, रोशन, रिहाना, शबी, इक़रा ख़ान, गुलफ़शा अंसारी, डॉ. फ़ैज़, डॉ. राहिल, सदफ़, नसीम, हकीम अरशद और अरुण इदरीसी ने भाग लिया। विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
अंत में संगोष्ठी के संयोजक हकीम अता-उर-रहमान अजमली, महासचिव, अवामी एकता वेलफेयर एसोसिएशन (पंजीकृत) दिल्ली ने सभी अतिथियों एवं उर्दू अकादमी दिल्ली का आभार व्यक्त किया। सह-संयोजक के रूप में रियाज़ अहमद शम्सी और यूसुफ़ मलिक उपस्थित रहे।







