इक्कड़ खुर्द में मदरसा दारुलउलूम असदिया में दस्तारबंदी जलसा

बच्चों की सरपरस्ती और दीनी तालीम पर ज़ोर 

लक्सर (हरिद्वार) (दिलशाद अली)

हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के गांव इक्कड़ खुर्द स्थित मदरसा दारुलउलूम असदिया में बच्चों की दस्तारबंदी के मोके पर एक शानदार जलसे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र समेत बाहरी जनपदों से आए उलेमा-ए-किराम, हाफ़िज़, क़ारी और दीगर मेहमानों ने शिरकत कर जलसे की रौनक बढ़ाई।

कार्यक्रम का आगाज़ तिलावत-ए-कुरआन पाक से किया गया, जिसके बाद नात-ओ-मनकबत पेश की गई। मदरसे के छात्रों ने दीनी तालीम से जुड़े विषयों पर तकरीरें भी पेश कीं, जिन्हें मौजूद लोगों ने खूब सराहा। जलसे में बाहर से आए मौलाना ने खास बयान करते हुए कहा कि बच्चों को शुरू से ही दीन और दुनिया दोनों की तालीम देना जरूरी है, ताकि वे समाज के ज़िम्मेदार नागरिक बन सकें।

हज़रत मौलाना सैयद अरशद मदनी की आमद ने कार्यक्रम को ख़ास और पुरनूर बनाया,अन्य उलमा हज़रात ने भी अपने खिताब में इल्म की अहमियत, अच्छे अखलाक और समाज में भाईचारा बनाए रखने पर ज़ोर दिया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की, कि वे बच्चों की तालीम और तरबियत पर विशेष ध्यान दें।

जलसे के दौरान मदरसे के कई बच्चों की दस्तारबंदी की गई। उलेमा ने बच्चों को दस्तार पहनाकर उनकी कामयाबी और बेहतर मुस्तकबिल के लिए दुआ की। इस अवसर पर बच्चों और उनके परिजनों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम के अंत में मौलाना शराफत अली प्रबंधक मदरसे ने सभी मेहमानों का स्वागत और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मदरसा बच्चों को बेहतर दीनी तालीम देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। जलसे में बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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