अखिल भारतीय अदब परिषद द्वारा “जिगर मुरादाबादी अवार्ड” से सम्मानित हुए शायर व अदीब अमीर नहटौरी

बिजनौर (यूपी)(अनवार अहमद नूर/एशियन पत्रिका)
अखिल भारतीय अदब परिषद मुरादाबाद द्वारा नये साल के शुभारम्भ मे आयोजित महफ़िल ए मुशायरा में बिजनौर के शायर व अदीब अमीर नहटौरी को उर्दू – हिंदी साहित्यिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान पर ” जिगर मुरादाबादी अवार्ड ” से सम्मानित किया गया। मुरादाबाद में एक तरहई मुशायरा, जिसके लिए दो मिसरे दिए गए थे, उन मिसरों पर जिन शयरों ने ग़ज़ल लिखी उन्हें ही विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था और अन्य शायरों और कविओ को प्रशस्ति पत्र दिये गये लेकिन अमीर नहटौरी को पूर्व घोषणा अनुसार “जिगर मुरादाबादी अवार्ड” से सम्मानित किया गया। अखिल भारतीय अदब परिषद के अध्य्क्ष तहसीन मुरादाबादी व शायर मुरादाबादी ने सयुक्त रूप से सम्मानित करते हुए कहा कि आज हम उर्दू सुप्रसिद्ध शायर व अदीब अमीर नहटौरी जी को उर्दू अदब में विशेष युगदान के उपलक्ष मे सम्मानित करते हुए गर्व महसूस कर रहें है। जबकि अमीर नहटौरी ने सम्मान प्राप्त करते हुए कहा की उर्दू के विश्व प्रख्यात शायर जिगर मुरादाबादी के शहर मे मुझ नाचीज़ को इतना बड़ा सम्मान दिया जाना मेरे लिए वास्तव मे ख़ुशी की बात है। इस अवसर पर मौजूद सरफराज़ हुसैन सरफराज़ पीपल सानवी,अतुल कुमार शर्मा (संभल),बिस्मिल भोजपूरी, गुफरान सीसीनवी, डॉ. बुराक पीपल सानवी ,नफीस पाशा, मुक़ीम, शुएब जमाल, दावर मुरादाबादी,करीम मुरादाबादी,जुबेर मुरादाबादी,आदि शायरों,अदीबो ने मुख्य रूप से शिरकत की।
अमीर नहटौरी को उनके साहित्यिक सेवाओं के उपलक्ष मे राष्ट्रीय स्तर पर “आलमी यौम-ए- उर्दू एवार्डस 2023”देहली में “ मौलाना अब्दुल माजिद दरयाबादी एवार्ड ,” बराए ज़बान-ओ-अदब ” भी मिल चुका है।
यह जनपद बिजनौर के लिए गर्व की बात है कि अमीर नहटौरी को अब तक सरकारी ‌व ग़ैर सरकारी संस्थाओं,अंजुमनों तथा विभिन्न आर्गनाइजेशन द्वारा देहली, सहारनपुर, अलीगढ़,मुजफ्फरनगर ,मुरादाबाद, नहटौर,किरतपुर,लखनऊ आदि शहरों से अनेकों बार मौलाना अबुल कलाम आजाद ,बाबा ए उर्दू अब्दुल हक़, मिर्ज़ा ग़ालिब, मुजाहिद ए उर्दू,नामक एवार्डस सम्मान प्राप्त हो चुकें हैं। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा भी ईनाम  व प्रशस्ति पत्र प्राप्त हो चुका है। शिक्षा विभाग व ज़िलाधिकारी द्वारा भी आप को सम्मानित किया जा चुका है !
अमीर नहटौरी बिजनौर के पहले ऐसे शायर हैं जिनका कम उम्र में ही  उर्दू हिंदी ग़ज़ल संग्रह प्रकाशित हुआ और बड़े बड़े अदीबों ने उस पर अपने प्रशंसनीय विचार लिखे जो उर्दू ,हिंदी के पत्र-पत्रिकाओं समाचारों में प्रकाशित हुए।उनके द्वारा अब तक ग़ज़ल संग्रह  व शोध साहित्य पर उर्दू  की कई पुस्तकें राष्ट्रीय विकास भाषा परिषद दिल्ली के अनुदान से प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त आपके सैकड़ों मज़ामीन, कहानियां व लेख आदि देश के विभिन्न  उर्दू – हिंदी पत्र-पत्रिकाओं व समाचारों मे प्रकाशित होते रहें हैं तथा यूट्यूब चैनल ,आल इडिया  रेडियो व टी वी चैनलों द्वारा भी आपका काव्य प्रसारण होता रहता है।
उक्त एवार्ड मिलने के बाद अमीर नहटौरी ने कहा कि मुझे ख़ुशी है कि  उर्दू अदब की महान विभूतियों द्वारा एवार्ड दिया गया है। इससे ज़्यादा यह है कि मैंने अबतक  जो कुछ लिखा उसे सबने पसंद किया है। एक लेखक शायर के लिए यही सबसे  बड़ा एवार्ड या सम्मान होता है।

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