उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले को लेकर मुख्यमंत्री आवास घिराव की घोषणा
सीबीआई जांच न होने से आहत भाजपा ज़िला मंत्री बहुखंडी ने दिया इस्तीफा।


यदि सरकार कार्रवाई करने में असमर्थ है तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए : योगिता भयाना
देहरादून (उत्तराखंड)(एशियन पत्रिका के लिए अनवार अहमद नूर की रिपोर्ट)
अंकिता भंडारी की हत्या और उससे जुड़े प्रकरण को लेकर पूरे उत्तराखंड में राजनीतिक गहमागहमी तेज़ हो गई है। अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय दिलाने के लिए 4 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम को लेकर देहरादून में अभियान चलाया गया और घोषणा की गयी कि रविवार को बड़ा मार्च किया जाएगा। इसी बीच अंकिता प्रकरण के चलते भाजपा में इस्तीफों का भी दौर शुरू हुआ है। बताया गया कि अंकिता भण्डारी हत्याकांड में वीआईपी का खुलासा व सीबीआई जांच न होने से आहत भाजपा जिला मंत्री युमौ अंकित बहुखंडी ने इस्तीफा दिया है। यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट पर भी आरोप लगे हैं।भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यमंत्री भगत राम कोठारी भी इस्तीफे की घोषणा कर चुके हैं।
ज्ञात रहे कि 18 दिसंबर 2022 को उत्तराखंड में हुआ अंकिता भंडारी मर्डर केस अब उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा उफ़ान मचा रहा है। इस कांड में भाजपा नेता विनोद आर्य के पुत्र पुलकित आर्य सहित तीन लोग शामिल थे। अंकिता के परिजन और जनता बार-बार कहती रही कि इसमें वीआईपी भी शामिल हैं, क्योंकि
अंकिता ने अपनी व्हाट्सएप चैट में वीआईपी का ज़िक्र किया था। अंकिता डरी हुई थी, वो व्हाट्सएप चैट में साफ-साफ लिखती है कि बहुत इनसिक्योरिटी फील होती है रिजॉर्ट में। पुलकित ने उसे बोला कि वीआईपी आ रहे हैं, तो उन्हें एक्स्ट्रा सर्विस चाहिए। जांच एजेंसियां उसका नाम उजागर नहीं कर पाई या किसी के दबाव में उसे बचा गईं?
अब ज्वालापुर के पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और उसकी कथित दूसरी पत्नी उर्मिला से बातचीत का एक ऑडियो वायरल है।
उर्मिला ने अपनी एक फेसबुक लाइव वीडियो में बताया कि ‘गट्टू’ भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ा एक बड़ा नेता है। अंकिता भंडारी हत्याकांड मे पूर्व उर्मिला सनावर ने अन्य कई बड़े राज़ खोले हैं।
अंकिता भंडारी मर्डर केस में दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिया जा रहा है। दुष्यंत राज्यसभा सांसद हैं, भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव है और उत्तराखंड प्रभारी है।
ऑडियो में सुरेश राठौर कह रहा है कि उस रात दुष्यंत उसी रिजॉर्ट में मौजूद था, जहां अंकिता की हत्या हुई। सुरेश ने ये दावा भी किया है कि भाजपा नेता के कई ऑडियो–वीडियो एक भाजपा नेत्री के पास मौजूद हैं।
उर्मिला सनावर ने अनेक गंभीर आरोप लगाये हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, और अपराधियों को कठोर सज़ा होनी चाहिए। लोग शुरू से ही इस केस में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। देश की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता और ‘PARI’ (People Against Rape in India) की संस्थापक योगिता भयाना ने भी इस केस में मोर्चा संभाला है। देहरादून पहुंची योगिता भयाना ने उर्मिला सनावर द्वारा किए गए सनसनीखेज खुलासों पर सरकार की चुप्पी को लेकर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उर्मिला सनावर ने जिस वीआईपी के नाम का खुलासा किया है, उसकी सच्चाई जानने के लिए अब केवल सीबीआई जांच ही एकमात्र रास्ता है। योगिता ने सवाल उठाया कि खुलासे करने वाली उर्मिला सनावर आखिर कहाँ हैं? उनके सोशल मीडिया अकाउंट क्यों फ्रीज किए गए? क्या सच बोलने वाली आवाज़ को दबाया जा रहा है?
योगिता भयाना ने साफ चेतावनी दी है कि
अगर सरकार इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाती और दोषियों को बचाती है, तो मैं अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाऊंगी।”
योगिता भयाना का कहना है कि सत्ता के रसूख के पीछे छिपे असली गुनहगारों का बेनकाब होना ज़रूरी है। यदि सरकार कार्रवाई करने में असमर्थ है तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
भारतीय राज्य उत्तराखण्ड के पौड़ी जिले के गंगा-भोगपुर में रिज़ॉर्ट में एक रिसेप्शनिस्ट थीं जिनके साथ कथित तौर पर बलात्कार हुआ और उसके बाद उनकी हत्या कर दी गयी थी इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण मामला तूल पकड़ रहा है। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक चर्चा मिली। हालांकि पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया गया है।
इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक),अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) पर अपहरण और हत्या के आरोप में मुकदमा चल रहा है।







