तमिलनाडु के किसान नेता पी.आर.पांड्यन एवं सेल्वराज की रिहाई के लिए भाकियू (आज़ाद) ने जिलाधिकारी मेरठ को दिया ज्ञापन पत्र
महामहिम राष्ट्रपति से की रिहाई की मांग


मेरठ (यूपी) (एशियन पत्रिका/अनवार अहमद नूर)
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (आज़ाद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान के नेतृत्व में तमिलनाडु के किसान नेता पी. आर. पांड्यन एवं सेल्वराज की रिहाई के लिए जिलाधिकारी मेरठ के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति जी को ज्ञापन भेजा।
भारतीय किसान यूनियन (आजाद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नितिन बालियान ने बताया कि तमिलनाडु के किसान नेता श्री पी.आर. पांड्यन ने अपना पूरा जीवन किसान समाज के उत्थान के लिए समर्पित किया है। 2013 में तमिलनाडु के धर्मापुरी जिले के करिमंगलम में राज्य सरकार द्वारा घोषित “संरक्षित कृषि भूमि” इलाके में ओएनजीसी कम्पनी द्वारा खुदाई एवम ड्रिलिंग का कार्य किया जा रहा था। 2013 में उस इलाके में गैस लीक की घटना भी हुई जिससे जानमाल के लिए बड़े पैमाने पर भयंकर संकट पैदा होने की आशंका से स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल बन गया और राज्य सरकार द्वारा ओएनजीसी की उपरोक्त साइट पर काम जारी रखने पर रोक लगा दी गई। इसके बावजूद ओएनजीसी ने उस क्षेत्र में काम बंद करने की बजाय स्थानीय जनजीवन को संकट में डालते हुए कार्य जारी रखा। ओएनजीसी के उस प्रोजेक्ट की वजह से खेती एवम पर्यावरण पर पड़ने वाले भयंकर दुष्परिणामों को देखते हुए 2015 में पी. आर. पांड्यन जी के नेतृत्व में किसानों ने उस जगह पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया, लेकिन ओएनजीसी कम्पनी ने अपने हित साधने हेतु शांतिपूर्ण विरोध कर रहे किसानों की आवाज को दबाने के लिए उनके ख़िलाफ़ साज़िश रच कर फ़र्ज़ी सबूतों के आधार पर झूठा मुकद्दमा दर्ज करवा दिया। उपरोक्त मुकद्दमे में बीती 6 दिसंबर, 2025 को तिरुवरूर जिले की फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने किसान नेता पी. आर. पांड्यन जी एवम सेल्वराज को 13-13 साल की सज़ा सुना दी जिसके बाद से दोनों किसान नेता जेल में हैं इसके विरोध में देशव्यापी ज्ञापन का कार्यक्रम किया गया है ओर दोनों किसान नेताओं की रिहाई को मांग की गई है।
भारतीय किसान यूनियन (आज़ाद) के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर शादाब चौधरी ने बताया को इस प्रकरण से पूरे देश भर के किसानों में रोष है। देश के तमाम किसानों की तरफ से हमने राष्ट्रपति जी से अपील की है कि आप देश की सर्वोच्च नागरिक होने के नाते इस मामले का संज्ञान लेते हुए इस झूठे केस के मामले में स्वयं की संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए अथवा केंद्र सरकार व तमिलनाडू सरकार को निर्देश दे कर ऐसी स्थिति में कानूनी समाधान निकालवा कर किसान नेता पी. आर. पांड्यन एवं सेल्वराज की रिहाई सुनिश्चित करवाने की कृपा करें।
इस दौरान राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मैराज राव, युवा जिलाध्यक्ष अंशु चौधरी, पवन शुक्ला, इस्तेकार चौधरी, आरिफ कुरैशी, आकाश पांडे, शंकर गौतम, शहजाद, दिलशाद चौधरी, करार हुसैन, अंकुश बालियान, डॉ फैसल, फैज चौधरी, मोइन खान, उवेश, जतिन, लोकेश, रशीद, इत्यादि लोग मौजूद रहे।







