मदरसा मदीनातुल उलूम में सालाना जलसे का आयोजन
बच्चों को शुरू से ही दीन और दुनिया दोनों की तालीम देना ज़रूरी है, ताकि वे समाज के ज़िम्मेदार नागरिक बन सकें।

लक्सर (हरिद्वार)(दिलशाद अली)
लक्सर तहसील क्षेत्र के खरंजा कुतुबपुर की जामा मस्जिद एवं मदरसा मदीना तुल उलूम में बड़े धूमधाम के साथ जलसे का आयोजन किया गया। जिसमें दूर दराज़ से मेहमानों का आना हुआ। जलसे के विशेष मेहमान हज़रत मौलाना मुफ्ती मोहम्मद तोहीद एवं हज़रत मौलाना मुफ्ती रियासत अली, हज़रत मौलाना मोहम्मद नवाब अली रहे। खरंजा कुतुबपुर में मदरसा मदीनातुल उलूम में दस्तारबंदी एवं जलसे में, बच्चों की सरपरस्ती और दीनी तालीम पर ज़ोर दिया गया जिसमें मौलाना मोहम्मद उस्मान प्रबंधक मदरसा ने पूरे साल का बजट जनता के सामने रखा। कार्यक्रम में क्षेत्र समेत बाहरी जनपदों से आए उलमा-ए-किराम, हाफ़िज़, क़ारी और दीगर मेहमानों ने शिरकत करके जलसे की रौनक बढ़ाई। कार्यक्रम का आगाज़ तिलावत-ए-कुरआन पाक से किया गया, जिसके बाद नात-ओ-मनकबत पेश की गई। मदरसे के छात्रों ने दीनी तालीम से जुड़े विषयों पर तकरीरें भी पेश कीं, जिन्हें मौजूद लोगों ने खूब सराहा। जलसे में मदरसा इस्लामिया अरबिया शाही मुरादाबाद से आए मौलाना ने खास बयान करते हुए कहा कि बच्चों को शुरू से ही दीन और दुनिया दोनों की तालीम देना ज़रूरी है, ताकि वे समाज के ज़िम्मेदार नागरिक बन सकें।
मदरसा इमदादुल इस्लाम कस्बा लंढौरा से तशरीफ़ लाए मौलाना नवाब सहित अन्य उलेमा ने भी अपने खिताब में इल्म की अहमियत, अच्छे अखलाक और समाज में भाईचारा बनाए रखने पर ज़ोर दिया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की तालीम और तरबियत पर विशेष ध्यान दें। जलसे के दौरान मदरसे के कई बच्चों की दस्तारबंदी की गई। उलेमा ने बच्चों को दस्तार पहनाकर उनकी कामयाबी और बेहतर मुस्तकबिल के लिए दुआ की। इस अवसर पर बच्चों और उनके परिजनों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के अंत में मौलाना मोहम्मद उस्मान, प्रबंधक जामा मस्जिद खरंजा कुतुबपुर ने सभी मेहमानों का स्वागत और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मदरसा बच्चों को बेहतर दीनी तालीम देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। जलसे में बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।







