वोट चोरी पर राहुल गांधी के खुलासे ने लोकतंत्र की पोल खोली : शुऐब हसन (उत्तर प्रदेश महासचिव SDPI)
मतदान की साख पर उठते सवाल अब पूरे तंत्र के आत्ममंथन की मांग कर रहे हैं (एसडीपीआई)

लखनऊ (एशियन पत्रिका ब्यूरो)
कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा, प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उठाए गए वोट चोरी के मुद्दे ने देश में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल गांधी ने हरियाणा चुनाव में बड़े स्तर पर हुई गड़बड़ियों का खुलासा करते हुए बताया कि एक युवती ने नाम बदल-बदलकर 22 बार वोट डाला, और जिस तस्वीर का उपयोग किया गया वह ब्राज़ील की एक मॉडल की नकली फोटो थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव शुऐब हसन ने कहा कि “इतनी मेहनत और सच्चाई के लिए वही जज़्बा अगर कांग्रेस के सत्ता काल में दिखता, तो आज देश को यह दिन नहीं देखना पड़ता। राहुल गांधी जी ने जिस तरह चुनावी धांधली का पर्दाफाश किया है, वह लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है लेकिन यह भी कड़वी सच्चाई है कि चुनाव सुधार की नींव कांग्रेस शासनकाल में ही रखी जानी चाहिए थी।” उन्होंने आगे कहा कि एसडीपीआई लंबे समय से चुनावी पारदर्शिता, पोस्टल बैलेट की निगरानी और वोटर वेरिफिकेशन प्रक्रिया में सुधार की मांग उठाती रही है।
“अब समय आ गया है कि चुनाव आयोग स्वतः संज्ञान लेकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे।”
एसडीपीआई ने स्पष्ट कहा कि यह केवल किसी एक राज्य या पार्टी का मामला नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और मतदाता के विश्वास का प्रश्न है। पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव ही भारत के लोकतंत्र की असली पहचान हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव की चुनौती से ठीक पहले राहुल गांधी का यह खुलासा, क्या यह सत्ता में वापसी की रणनीति है या फिर देश को एक बार फिर गुमराह करने की कोशिश, इसका निर्णय जनता करेगी,लेकिन इतना तय है कि मतदान की साख पर उठते सवाल अब पूरे तंत्र के आत्ममंथन की मांग कर रहे हैं।







