बच्ची के साथ बेरहमी से रेप और क्रूरता करने वाले अमित को हुई फांसी की सज़ा
बांदा में जज बोले- दम टूटने तक फंदे पर लटकाओ, 56 दिन में सुनाया फैसला।

बांदा (यूपी)(एशियन पत्रिका ब्यूरो)
उत्तर प्रदेश के बांदा के थाना कालिंजर में 5 साल की बच्ची से रेप और दरिंदगी करने वाले को कोर्ट ने फांसी की सज़ा सुनाई है। जज ने फैसला सुनाते हुए कहा- इसे तब तक फंदे पर लटकाया जाए, जब तक इसका दम न टूट जाए। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल होने के महज 56 दिनों में ये फैसला सुनाया।
25 जुलाई, 2025 को आरोपी ने मासूम को टॉफी देकर अपने घर में ले गया। वहां बच्ची से दरिंदगी की। उसका बायां हाथ तोड़ दिया। उसकी जीभ और गाल में दांतों से काटा। मासूम का प्राइवेट पार्ट बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। बच्ची रोते और दर्द से कराहते हुए अपने घर पहुंची और मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद घरवाले उसे तुरंत थाने लेकर पहुंचे। वहां से बच्ची को सीएचसी ले जाया गया। बच्ची की गंभीर हालत देखते हुए उसे पहले मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। लेकिन, हालत में सुधार न होने की वजह से फिर उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। जहां 11 दिन उसका इलाज चलता रहा। वारदात के 5 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। मुठभेड़ में उसके दोनों पैरों में गोलियां लगी थीं।
ज्ञात रहे कि बच्ची से रेप करने के बाद अमित घर से भाग गया था। पुलिस को वारदात के 5 घंटे के बाद रात 11:30 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि अमित जंगल में छिपा है। इसके बाद उन्होंने घेराबंदी की। खुद को पुलिस से घिरा देखकर अमित ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके दोनों पैरों में गोली मार दी। घायल अमित को ज़िला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने उसके पास से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए थे।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने दोषी अमित को फांसी की सज़ा दी। इसके बाद उन्होंने कलम तोड़ते हुए कहा कि ऐसे अपराधी को कम सज़ा देने का मतलब है पीड़िता के साथ अन्याय होना। इसे तब तक फंदे पर लटकाया जाए, जब तक इसका दम न टूट जाए।
25 जुलाई 2025, दिन- शुक्रवार। शाम के वक्त एक गांव में रहने वाली 5 साल की मासूम बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी उसके घर से महज 100 मीटर की दूरी पर रहने वाला 30 साल का अमित बच्ची के पास आया। उसने बच्ची को घर के बाहर खेलते देखा, तो उसके पास गया। उसे टॉफी का लालच देकर अपने पास बुलाया। इसके बाद उसे अपने घर में ले गया। उस समय अमित के माता-पिता खेत गए थे। घर पर कोई नहीं था। इसी का फायदा उठाते हुए अमित बच्ची को कमरे में ले गया और उसके साथ रेप किया।
इसके बाद अमित ने बच्ची को धमकाते हुए कहा कि अगर किसी को कुछ बताया तो जान से मार दूंगा। इसके बाद उसने बच्ची को घर से भगा दिया। बच्ची दर्द से कराहते और रोते हुए अपने घर पहुंची। दरवाजे पर बैठी मां ने बेटी से रोने का कारण पूछा, तो उसने सारी बात बताई। यह सुनकर मां और दूसरे घर वाले बच्ची को लेकर थाने पहुंचे।
SHO खुद बच्ची को लेकर सीएचसी पहुंचे थे
वहां बच्ची की गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। बाद में उसकी गंभीर हालत देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया गया था। बच्ची के पिता ने बताया था कि बच्ची के शरीर में कई जगहों पर दांत से काटने के गहरे घाव हैं। उसका हाथ टूटा है।
शासकीय अधिवक्ता कमल सिंह ने बताया कि अमित ने बच्ची के साथ बड़ी बेहरमी के साथ रेप किया। उसका बायां हाथ तोड़ दिया, जीभ काट ली और गाल में भी काटा। उसका प्राइवेट पार्ट बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। बच्ची का कानपुर में 11 दिन तक इलाज चला। उसका ऑपरेशन हुआ। जब वो बोलने की हालत में आई, तब उसका बयान दर्ज हुआ था। कोर्ट में 7 अक्टूबर, 2025 को चार्जशीट दाखिल की गई। 12 नवंबर, 2025 को 10 गवाह पेश किए गए। 56 दिन में जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने पॉक्सो एक्ट के तहत अमित को फांसी की सज़ा सुनाई और 25 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया।








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