निःशुल्क यूनानी मेडिकल कैंप का आयोजन और नमाज़ की पुस्तक का लोकार्पण
इस्लाम में मानव सेवा सबसे बड़ी इबादत है

दिल्ली (अनवार अहमद नूर/एशियन पत्रिका ब्यूरो)
आईडियल यूनानी हेल्थ केयर और आरडब्ल्यूए अशरफ़ शरीफ़ मंज़िल के संयुक्त तत्वावधान में लाल कुआँ, दिल्ली में निःशुल्क यूनानी मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नासिर ख़ान साहब के संरक्षण, ज़ाहिद अली सिद्दीकी साहब की अध्यक्षता और मख़मूर सुल्तान के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मोहम्मद तकी (अध्यक्ष, वेलफेयर एसोसिएशन), सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल जब्बार विशेष अतिथि रहे, जबकि वसीम अहमद सिद्दीकी (संपादक) तथा अशफ़ाक़ हुसैन नग़मी (अध्यक्ष, क़ौमी एकजुटता मोर्चा) विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस कैंप में डॉ. मुफ़्ती जावेद अनवर ने लगभग 150 ऑनलाइन पंजीकृत रोगियों का पेट से संबंधित बीमारियों का निःशुल्क उपचार किया। साथ ही उनकी रचित नमाज़ की पुस्तक का विमोचन किया गया और उसे निःशुल्क वितरित किया गया।
ज़ाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि इस्लाम में मानव सेवा सबसे बड़ी इबादत है और डॉ. मुफ़्ती जावेद अनवर सामाजिक, धार्मिक और चिकित्सीय सेवाएँ बख़ूबी अंजाम दे रहे हैं। आरडब्ल्यूए की स्थापना उनकी कोशिशों का परिणाम है।
अशफ़ाक़ हुसैन नग़मी ने कहा कि डॉ. मुफ़्ती जावेद अनवर उनके पिता मौलाना अख़लाक़ हुसैन क़ासमी के पदचिह्नों पर चलते हुए निस्वार्थ चिकित्सा और सामाजिक सेवाएँ दे रहे हैं, जिसके लिए वे आरडब्ल्यूए के सहयोग के आभारी हैं। भाई तकी ने कहा कि शाबान का महीना रमज़ान के स्वागत का महीना है और शरीर व आत्मा की सुरक्षा के लिए इबादत और स्वास्थ्य दोनों आवश्यक हैं। डॉ. साहब की नमाज़ की पुस्तक से इबादत में रुचि बढ़ेगी और उनके देसी यूनानी उपचार से लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
डॉ. मुफ़्ती जावेद अनवर ने बताया कि डॉ. सैयद अहमद ख़ान (जनरल सेक्रेटरी, ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस) की प्रेरणा से वे अपने निजी क्लिनिक पर ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से किसी एक बीमारी पर केंद्रित कैंप आयोजित कर क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देना चाहते हैं। ऐसा कैंप, इंशाअल्लाह, हर महीने किया जाएगा।
वसीम अहमद सिद्दीकी ने कहा कि स्वास्थ्य और सेवा के दायरे को बढ़ाने की आवश्यकता है। अब्दुल जब्बार ने कहा कि सभी से परामर्श के बाद एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कैंप को सफल बनाने में आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद ज़ाहिद और तब्लीगी जमात के कार्यकर्ता मोहम्मद आमिर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में आरडब्ल्यूए के संरक्षक नासिर ख़ान ने सभी का आभार व्यक्त किया।







