हैदरगढ़ टोल मामले पर अधिवक्ताओं ने धरना प्रदर्शन और कड़े संघर्ष से दोषियों के ख़िलाफ़ कराई कड़ी कार्रवाई
बाराबंकी पुलिस ने अधिवक्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की ओर वीडियो में गुंडई करते तीन व्यक्तियों को पकड़कर जेल भेजा है

बाराबंकी (यूपी)(एशियन पत्रिका ब्यूरो)
हैदरगढ़ टोल पर अधिवक्ताओं ने जो धरना प्रदर्शन किया और मामले को इतना गरमाया कि पुलिस भी आनन फानन में काम करती नज़र आयी। टोल मामले में बाराबंकी पुलिस ने अधिवक्ता की शिकायत पर चार नामजद 10 अज्ञात सहित 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। वीडियो में गुंडई करते दिखाई पड़ रहे तीन व्यक्तियों को पकड़कर प्रशासन द्वारा चोरी चुपके एंबुलेंस द्वारा जेल भेजा गया है दबंगों के अन्य साथियों की पुलिस को तलाश है। ज्ञात रहे कि मु. अ. सं. 15/26 के आरोपित टोल कर्मियों के विरुद्ध ,अधिवक्तागण सामुहिक रूप से संघर्ष में आ गए उन्होंने अपने साथी रत्नेश शुक्ला के ऊपर जानलेवा हमले के मामले को मुख्यमंत्री से लेकर अनेक उच्चाधिकारियों तक पहुंचा कर कार्रवाई की मांग रखी और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही करते हुए तत्काल गिरफ्तार करने की मांग के साथ साथ इस प्रकरण को बार काउंसिल की बैठक में रखकर प्रदेश व्यापी आंदोलन करने को कहा। टोल प्लाजा की घटना के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र प्रेषित किए गए। अधिवक्ता हितों के लिए तटस्थ निर्णय लेने हेतु अवध बार एसोशिएशन,सेंट्रल बार एसोशिएशन व लखनऊ बार एसोशिएशन की संयुक्त बैठक लखनऊ बार एसोशिएशन लखनऊ के विवेकानंद सभागार में हुई। रमेश प्रसाद तिवारी एडवोकेट,अध्यक्ष लखनऊ बार एसोशिएशन, ब्रजभान सिंह भानू एडवोकेट,महामन्त्री लखनऊ बार एसोशिएशन, प्रशान्त सिंह अटल – सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ,वरिष्ठ अधिवक्ता उच्च न्यायालय ने कार्रवाई को तुरन्त कराने के लिए कोशिश की। जिसके कारण घटना की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। अनेक अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है और कहा गया है कि 18 जनवरी से टोल प्लाज़ा का पुराना टेंडर निरस्त होगा एवं नया टेंडर होगा और हैदरगढ़ के स्थानीयों अधिवक्ताओं का टोल माफ होगा।
आपको बता दें कि इस समय अधिवक्ताओं के बार एसोसिएशन के चुनाव चल रहे हैं और चुनाव लड़ रहे अधिकांश अधिवक्ता धरना स्थल पर पहुंचे हैं। दीपक यादव हैदरगढ़ टोल प्लाजा पहुँचे और अपने अधिवक्ता भाइयों के समर्थन में हैदरगढ़ टोल पर चल रहे अधिवक्ताओं के धरने से स्वयं को संबद्ध किया। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी 2026 को जनपद बाराबंकी स्थित हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर हमारे साथी अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ टोल कर्मियों द्वारा की गई बर्बर मारपीट अत्यंत निंदनीय, शर्मनाक एवं पूर्णतः अस्वीकार्य है। यह घटना खुलेआम गुंडागर्दी, मनमानी तथा स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की घोर विफलता को उजागर करती है।







