किसान सभा के सम्मेलन में साम्प्रदायिकता, अत्याचार और मुसलमानों, दलितों, ईसाइयों पर हमलों के ख़िलाफ़ उठी आवाज़

कोसीकलां मथुरा में हुए तीन दिवसीय सम्मेलन में बाबूराम यादव अध्यक्ष, मुकुट सिंह महासचिव, दिगम्बर सिंह कोषाध्यक्ष, काo इसरार अली को उत्तर प्रदेश किसान सभा की राज्य काउंसिल का सदस्य बनाया गया।

स्योहारा/मथुरा (यूपी) (अनवार अहमद नूर)

अखिल भारतीय किसान सभा के 40वें राज्य सम्मेलन कोसी कलां मथुरा में अनेक ज्वलंत विषयों पर चर्चा और साम्प्रदायिकता,अत्याचार और मुसलमानों, दलितों, ईसाइयों पर हमलों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते हुए कई प्रस्ताव पारित किए गए।
सम्मेलन का उदघाटन एआईकेएस के राष्ट्रीय नेता, पूर्व विधायक पी कृष्ण प्रसाद ने किया। समापन वरिष्ठ किसान नेता, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव अवधेश कुमार ने किया। एआईकेएस संयुक्त सचिव बादल सरोज ने भी प्रतिनिधि सत्र को संबोधित किया।
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के सभी ज़िलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अनेक वरिष्ठ नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। मौजूदा हालात और ग़रीब मज़दूरों तथा किसानों की समस्याओं के साथ साथ देश की स्थिति पर चर्चा की गई। इसी सम्मेलन में उत्तर प्रदेश राज्य काउंसिल का गठन किया गया। जिसमें कामरेड एडवोकेट इसरार अली को उत्तर प्रदेश किसान सभा की राज्य काउंसिल का सदस्य भी बनाया गया है। सम्मेलन में महामंत्री मुकुट सिंह ने रिपोर्ट पेश की। बिजनौर ज़िले से दो प्रतिनिधियों कामरेड फरीद अहमद और एडवोकेट इसरार अली ने भाग लिया।
प्रदेश भर से आये प्रतिनिधियों ने तीन दिन तक अपने अपने जिलों के अनुभव सुनाये। किसानों को उनकी उपज के दाम लागत से भी कम मिलने, उपजाऊ जमीन को कौड़ियों के मोल पर किसानों से छीनकर कारपोरेट कम्पनियों को देने, बिजली कानून बनाकर ऊर्जा को आम किसान और जनता की पहुँच से बाहर करने, नया बीज कानून लाकर देश की खेती दुनिया की बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की लूट का जरिया बनाने, बेरोजगारी की बाढ़ सी लाकर देश की नई पीढ़ी का भविष्य अन्धकारमय करने जैसी स्थिति पूरे उत्तर प्रदेश में बताई। सम्मेलन में डबल इंजन सरकार के असंवैधानिक बुलडोजर राज में अल्पसंख्यकों सहित दलितों, महिलाओं और आदिवासियों के भीषण उत्पीड़न, लोकतंत्र के हरण, बेलगाम नौकरशाहों की मनमानी, जबरदस्त भ्रष्टाचार की हालत पर भी रोष व्यक्त किया गया।
चर्चा के बाद रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। अंत में 75 सदस्यीय राज्य काउंसिल का गठन किया गया। राज्य काउंसिल ने सर्वसम्मति से बाबूराम सिंह (सुल्तानपुर) को राज्य कमेटी का अध्यक्ष और मुकुट सिंह को महामंत्री चुना। राज्य काउंसिल में पांच महिलाओं को भी स्थान दिया गया है।
सम्मेलन ने 75 सदस्यीय राज्य नेतृत्व में पदाधिकारियों के रूप में बाबूराम यादव, अध्यक्ष,डॉ हीरा लाल यादव, भारत सिंह, इन्द्रदेव पाल, रुद्र प्रसाद मिश्रा.सभी उपाध्यक्ष, मुकुट सिंह महामंत्री,दिगंबर सिंह कोषाध्यक्ष, चंद्रपाल सिंह,साधु शरण,संतोष शाक्य, माया राम वर्मा संयुक्त मंत्रीगण को चयनित किया।
सम्मेलन में जो प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए उनमें मुसलमान,ईसाइयों, दलितों तथा महिलाओं पर हो रहे हमलों के विरोध में प्रस्ताव, शिक्षा और स्वास्थ्य पर प्रस्ताव, विद्युत के निजीकरण और स्मार्ट मीटर लगाने जाने पर प्रस्ताव, एसआईआर के तरीकों के ख़िलाफ़ प्रस्ताव और किसान मजदूर एकता पर प्रस्ताव आदि प्रमुख हैं। जिनको सर्वसम्मति से पारित किया गया है।

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