कार्बि स्वायत्त परिषद के सीईएम तुलिराम रोंहांग की ऐतिहासिक जीत: विकास कार्यों का श्रेय, असम मंत्रिमंडल में जगह देने की मांग।

कार्बि स्वायत्त परिषद के सीईएम तुलिराम रोंहांग की ऐतिहासिक जीत: विकास कार्यों का श्रेय, असम मंत्रिमंडल में जगह देने की मांग।

  • कार्बि स्वायत्त परिषद के सीईएम तुलिराम रोंहांग की ऐतिहासिक जीत: विकास कार्यों का श्रेय, असम मंत्रिमंडल में जगह देने की मांग।

पंकज नाथ, असम, 19 मई :

असम के कार्बि स्वायत्त परिषद (KSP) के प्रमुख और सीईएम तुलिराम रोंहांग ने विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस के ऑगस्टीन एंघी को 60243 भारी मतों से पराजित करते हुए अपने नाम जीत दर्ज कर एक बार फिर अपनी लोकप्रियता और क्षेत्रीय नेतृत्व क्षमता का परचम लहराया। मतगणना के बाद पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक जश्न मनाते दिखे, जबकि विपक्षी दलों ने भी इस पर चुप्पी साध ली। रोंहांग की इस जीत को स्थानीय विकास योजनाओं और जनसमूह के साथ उनकी मजबूत संवेदनशीलता का नतीजा माना जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार तुलिराम रोंहांग ने मतदाताओं का भरोसा जीतने के लिए खेत-खलिहान, शिक्षा और बुनियादी अवसंरचना पर काम को प्राथमिकता दी। चुनावी रणनीति के तहत उन्होंने गांव-गांव जाकर मतदाताओं से संवाद रखा और विकास की ठोस रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिससे उनकी जीत सुनिश्चित हुई। जीत के बाद उनके समर्थकों ने सड़क पर प्रदर्शन कर खुशी जताई और भविष्य में और बड़े अपेक्शाओं की चर्चा शुरू कर दी है। रोंहांग के नेतृत्व में कई ग्रामीण सड़कों और पुलों का निर्माण तथा पुनरुद्धार हुआ, जिससे दूरदराज के इलाकों का संपर्क बेहतर हुआ। स्थानीय विद्यालयों के नवीनीकरण, बालिकाओं की पढ़ाई को बढ़ावा देने वाली योजनाओं और युवा बेरोजगारों के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू किए गए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ किया गया, मोबाइल चिकित्सा शिविरों का आयोजन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस रखा गया। किसानों के लिए सिंचाई सुविधाएँ, बीज और उन्नत कृषि तकनीकें उपलब्ध करवाई गईं; महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण का काम तेज हुआ। कार्बि समुदाय की सांस्कृतिक विरासत और भाषा के संरक्षण हेतु स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम और अनुदान स्थापित किए गए। विकास के संकेतों और व्यापक जनसमर्थन को देखते हुए कुछ क्षेत्रीय संगठनों तथा वहां के लोगों ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा से अनुरोध किया है कि तुलिराम रोंहांग को असम मंत्रिमंडल में मंत्री पद देकर उनके अनुभव और क्षेत्रीय समझ का लाभ राज्य स्तर पर उठाया जाए। इन संगठनों का तर्क है कि रोंहांग का मंत्रिमंडलीय पद न सिर्फ कार्बि समुदाय के हितों का बेहतर प्रतिनिधित्व करेगा बल्कि पूर्वोत्तर के समग्र विकास में भी योगदान देगा। विश्लेषक मानते हैं कि रोंहांग की जीत से तथा उनको मंत्रित्व मिलने से स्थानीय राजनीति में संतुलन बदल सकता है और असम सरकार के साथ उनकी सकारात्मक साझेदारी से तेजी से स्थानीय परियोजनाओं को राज्य समर्थन मिलने की संभावना है। आने वाले हफ्तों में मुख्यमंत्री कार्यालय से संभावित मंत्री-परिवर्धन संबंधी बयान पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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