विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस के अवसर पर हरियाणा के हकीमों की सेवाओं को किया गया याद 

145वाँ निःशुल्क यूनानी चिकित्सा शिविर फातिमा हेल्थ केयर, गाँव शकरावा, ज़िला नूंह में आयोजित किया गया

नई दिल्ली/नूंह (हरियाणा) (अनवार अहमद नूर/एशियन पत्रिका)

ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस हरियाणा द्वारा विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस के अवसर पर दूसरा राज्य स्तरीय सेमिनार “हरियाणा के हकीमों की सेवाएँ” शीर्षक से तथा 145वाँ निःशुल्क यूनानी चिकित्सा शिविर फातिमा हेल्थ केयर, गाँव शकरावा, ज़िला नूंह में आयोजित किया गया। “हरियाणा के हकीमों की सेवाएँ” विषय पर हकीम मौलाना मुहम्मद इलियास और हकीम डॉ. मुहियुद्दीन ने विस्तार से अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। शिविर में 252 मरीजों को यूनानी दवाइयाँ वितरित की गईं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सैयद अहमद ख़ान, महासचिव ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस ने कहा कि विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस मनाने की शुरुआत औपचारिक रूप से वर्ष 2011 में ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस ने की थी और 2016 से केंद्र सरकार ने भी सीसीआरयूएम के अंतर्गत इसे आगे बढ़ाया। मसीह-उल-मुल्क हकीम अजमल ख़ान के जन्मदिन के अवसर पर यूनानी चिकित्सा दिवस मनाया जाता है, जिससे उनकी महान व्यक्तित्व के बारे में आम जनता को प्रामाणिक जानकारी मिलती है। भारत में यूनानी चिकित्सा एक संगठित और सुदृढ़ आधार पर स्थापित है, जिसका श्रेय मसीह-उल-मुल्क हकीम अजमल ख़ान को जाता है।

मौलाना सिद्दीक़ सनाबली (अध्यक्ष, उर्दू टीचर्स एसोसिएशन), एडवोकेट शाह जबीं क़ाज़ी (सामाजिक कार्यकर्ता) और तहसीन अली असरावी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। तहसीन अली असरावी ने अपने संबोधन में कहा कि नूंह की धरती केवल इतिहास की साक्षी ही नहीं, बल्कि यूनानी उपचार की जीवंत मिसाल भी रही है। यहाँ के हकीमों ने कलम और दवा दोनों को साथ लेकर चलाया। जब महँगा इलाज आम आदमी की पहुँच से बाहर था, तब यूनानी चिकित्सा ने सरल, सस्ता और प्रभावी उपचार दिया।

एडवोकेट शाह जबीं क़ाज़ी ने कहा कि यूनानी चिकित्सा की विशेषता यह है कि वह मानव को संपूर्ण रूप से देखती है और हकीम व्यक्ति के मिज़ाज के अनुसार दवा देते हैं। डॉ. क़मरुद्दीन ज़ाकिर, अध्यक्ष ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस हरियाणा ने कहा कि मरहूम हकीम अब्दुल शकूर ने मेवात का पहला चिकित्सा संस्थान दारुल उलूम शकरावा में स्थापित कर लगभग 20 विद्यार्थियों को दीन और हिकमत की शिक्षा दी।

इस समय गाँव आकीड़ा में ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस हरियाणा के निरंतर प्रयासों से हरियाणा सरकार ने यूनानी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का कार्य पुनः आरंभ करा दिया है, जो एक वर्ष में पूरा हो जाएगा। इसके लिए हम हरियाणा सरकार के अत्यंत आभारी हैं।

कार्यक्रम में प्राचीन हकीमों और वैद्यों की सेवाओं को याद किया गया और पुराने हकीमों को सम्मानित किया गया। हकीम मौलाना मुहम्मद इलियास को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। मरहूम हकीम मौलाना अब्दुल शकूर शकरावा, मरहूम हकीम अजमल ख़ान शकरावा, मरहूम हकीम मौलाना हबीबुल्लाह साकरस, मरहूम हकीम मौलाना अब्दुल सत्तार साकरस—इन सभी को मरणोपरांत ख़राज-ए-अकीदत अवार्ड से नवाज़ा गया।

डॉ. मुहियुद्दीन (पूर्व ज़िला आयुर्वेदिक अधिकारी, पलवल) और डॉ. क़मरुद्दीन ज़ाकिर (पूर्व ज़िला आयुर्वेदिक अधिकारी, नूंह) को सेवा-ए-तिब्ब-ए-यूनानी प्रबंधन अवार्ड दिया गया। इसके अतिरिक्त संरक्षक-ए-आला हकीम डॉ. रफ़ीक़ आज़ाद, डॉ. अब्दुस्सलाम जलालपुर, डॉ. अब्दुस्सलाम शकरावा, डॉ. मुहम्मद अरशद ग़यास, डॉ. असलम अली—इन सभी को सेवा-ए-तिब्ब-ए-यूनानी अवार्ड से सम्मानित किया गया। हकीम मुबीन अहमद, हकीम ज़फ़र अहमद, हकीम अकरम अली, हकीम नदीम अहमद आदि को सेवा-ए-तिब्ब-ए-यूनानी फ़ार्मेसी अवार्ड प्रदान किया गया।

सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और शॉल पहनाकर किया गया। डॉ. लोकेश, मास्टर मुहम्मद साद, मास्टर शेर मुहम्मद, डॉ. अता-उर-रहमान, डॉ. ज़िया-उर-रहमान, हकीम आबिद आदि ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हकीम अकरम अली की तिलावत-ए-क़ुरआन से हुआ। संचालन के दायित्व डॉ. मुहम्मद अरशद ग़यास, राष्ट्रीय सचिव ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस ने कुशलतापूर्वक निभाए।

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