गणतंत्र दिवस के जश्न में लंढोरा में देशप्रेम की बयार,निकाली गई तिरंगा पदयात्रा।
नगर पंचायत चैयरमैन डॉ. मोहम्मद नसीम ने नगर पंचायत लंढौरा के झंडा चौक, मदरसा इमदादुल इस्लाम सहित विभिन्न स्थानों पर ध्वजारोहण किया

लंढौरा (उत्तराखंड)(अर्सलान अली)
लंढौरा नगर पंचायत में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत चैयरमैन डॉ. मोहम्मद नसीम ने नगर पंचायत लंढौरा के झंडा चौक, मदरसा इमदादुल इस्लाम सहित विभिन्न स्थानों पर ध्वजारोहण किया।इस मौके पर नगर पंचायत लण्ढौरा कार्यालय से झंडा चौक तक पदयात्रा निकाली गई, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग शामिल हुए। पदयात्रा के माध्यम से पूरे कस्बे में लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।कार्यक्रम में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला और लोगों ने संविधान की मर्यादाओं का पालन करने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।ध्वजारोहण के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. मोहम्मद नसीम ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ, जिसमें देश के हर नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान किया। उन्होंने संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि उनका लिखा संविधान आज देश की एकता और अखंडता की मजबूत नींव है। वही मुफ्ती रियासत अली ने कहा आज हम 77 वा गणतंत्र दिवस मना रहे हैं।भारत में हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन साल 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था। इस ऐतिहासिक दिन देश को अपना स्वयं का संविधान मिला और भारत एक संपूर्ण गणतंत्र बना। इसलिए संविधान सभा का गठन किया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने की। लगभग 2 साल 11 महीने और 18 दिन की कड़ी मेहनत के बाद भारतीय संविधान तैयार हुआ। इसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में लागू किया गया। इस दिन भारत के नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और धर्मनिरपेक्षता जैसे अधिकार प्राप्त हुए। इसलिए 26 जनवरी सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की जीत का दिन है। मुफ्ती रियासत ने कहा हमें देश में भाईचारे, एकता, वे प्रेम भाव के साथ रहना चाहिए।







