भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव धर्म संसद में किया गया पारित
मुजफ्फरनगर के शुक्रतीर्थ में आयोजित धर्म संसद में 12 प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भेजने का निर्णय


मुजफ्फरनगर (एशियन पत्रिका)
हिंदू संघर्ष समिति द्वारा सनातन धर्म संसद का आयोजन करके भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने,गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने, जनसंख्या नियंत्रण कानून और समान नागरिक संहिता जैसे अनेक प्रस्ताव पारित किए गए। धर्म संसद में आए अनेक साधु संतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद योगी आदित्यनाथ को देश का प्रधानमंत्री बनाये जाने का समर्थन किया। 12 सूत्रीय मांगों वाला प्रस्ताव भी पारित किया गया। पौराणिक तीर्थ नगरी शुकतीर्थ मे स्थित हनुमान धाम मे सनातन धर्म संसद कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता की पूजा कर किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हनुमत धाम के महामंडलेश्वर स्वामी केशवानन्द सरस्वती ने एवं संचालन विवेकानंद महाराज तथा हिन्दू समिति के संरक्षक अमित गुप्ता ने किया। कार्यक्रम के आयोजक हिन्दू संघर्ष समिति के नरेंद्र पंवार रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से साध्वी पूजा, चन्द्रमा ब्रह्मचारी, मंत्री कपिलदेव अग्रवाल,संत सेवक सत्य प्रकाश रेशु, अमित राठी, कुंवर देवराज पंवार, सुभाष चौहान आदि उपस्थित रहे।
महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द महाराज ने कहा कि आज पूरा विश्व मानवता के लिए कराह रहा है। विश्व की निगाह केवल भारत पर टिकी हैं। शान्ति मिलेंगी तो केवल सनातन से मिलेंगी। आज सनातन की रक्षा की आवश्यकता है। सनातन संस्कृति पर हमले हो रहे हैं। भारत को बांटना जारी है। देश में 9 प्रदेशों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो गया है। 2000 ज़िलों मे 500 जिले मुस्लिम बाहुल्य हो चुके हैं। 1500 तहसील मुस्लिम बाहुल्य हो गयी हैं। उन्होंने आह्वान किया कि एक हिन्दू पर हुए हमले को सभी हिन्दू पर माना जाये। हरिद्वार में हुई धर्म संसद के बाद साधु संतो पर मुकदमें दर्ज किये गये। यह सब स्वयं को हिंदू हितेषी कहने वाली सरकार मे हुआ। यह सरकार भगवान श्रीराम के नाम साधु संतो के आशीर्वाद से बनी है। हरिद्वार धर्म संसद के बाद 35 मुस्लिम राष्ट्र के दबाव मे आकर सरकार के कहने पर साधु संतो पर मुकदमे दर्ज हुए। हाईकोर्ट के 76 महंगे वकील उन मुकदमों की पैरवी कर रहें हैं।1947 मे देश का बंटवारा हुआ था। समझौते के अनुसार मुसलमानो के लिए अलग देश बनाया गया था यह हिन्दुओं का देश है। यह हिन्दू राष्ट्र है और हिन्दू राष्ट्र रहेगा। केवल इसकी घोषणा होनी शेष है। जिसके लिए साहस की आवश्यकता है। और यह साहस योगी आदित्यनाथ जैसे संत मे है। जिन्हे अब प्रधानमंत्री बनने की आवश्यकता है। योगी आदित्यनाथ को 2027 मे प्रधानमंत्री बनाया जाये। आपातकाल के समय सेक्युलर शब्द आया था, यह शब्द संविधान मे नहीं है।अब इस शब्द को आपातकाल लगाकर ही समाप्त कर दिया जाये। दिल्ली से नाजिया इलाही ने कहा की छोटे बड़े मदनी बंधु जिस जिहाद की घोषणा करते हैं वह स्वयं पर लागू करें। अगर वह आतंकवाद वाले जिहाद की बात करते हैं तो उन्हें उसी भाषा मे समझाना पड़ेगा। जुमे के दिन मुस्लिम नमाज़ अदा करते हैं। हिन्दू हनुमान चालीसा पढ़ें। अगर मस्जिद में अज़ान के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं तो हनुमान चालीसा के लिए भी कोई अनुमति की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानन्द महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज, महामंडलेश्वर मैत्रेयी गिरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानन्द महाराज, आचार्य विष्णु महाराज ने हिन्दुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता प्रकट की तथा सनातन की रक्षा के संकल्प को दोहराया व गौसेवा व गौपालन के महत्व पर प्रकाश डाला। यहां 12 प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे जाने को कहा गया है।
शुक्रतीर्थ में धर्म संसद का आयोजन करने वाली हिन्दू संघर्ष समिति द्वारा 12 प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री को भेजे गये हैं जिनमे भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने, गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने,सनातन बोर्ड का गठन किये जाने, सामाजिक एकता एवं समरसता को बढ़ावा देने जाति विभेद को समाप्त करने, जनसंख्या नियंत्रण एवं समान नागरिक संहिता कानून, राष्ट्र निर्माण मे संत समाज की भूमिका, मुस्लिम आक्रांताओं द्वारा मिटाए गये मंदिरों आदि को पुन:वापस करने को कानून बनाने,सनातन धर्म के योद्धाओं की सुरक्षा, मुज़फ्फरनगर का नाम लक्ष्मी नगर करने आदि प्रमुख हैं। हिंदुत्व चिंतक विचारक अमरीश गोयल ने बताया की यह प्रस्ताव जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.वीरपाल निर्वाल के माध्यम से सहारनपुर कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रस्तुत किये गये। शीघ्र ही यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे।







